
ईरानी नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोट- IANS)
ईरान में जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की लगातार धमकियों के बीच तेहरान ने अपनी रक्षा के लिए मजबूत कदम उठाया है। ईरानी सेना ने फारस की खाड़ी के तटीय इलाकों, इराक और अजरबैजान की सीमाओं पर लाइव गनफायर ड्रिल्स शुरू कर दी हैं। इन अभ्यासों में असली गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आसमान लाल हो गया और एक 'वर्चुअल आग की दीवार' तैयार हो गई है।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में ईरानी एविएशन अथॉरिटी ने कम से कम 20 NOTAMs (नोटिस टू एयरमेन) जारी किए हैं। इनमें पायलटों को चेतावनी दी गई है कि वे 17,000 फीट से नीचे न उड़ें। इससे दक्षिणी तट पर बहरीन और कतर की ओर मुंह किए अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सामने एक 'आग की दीवार' खड़ी हो गई है। ये क्षेत्र अमेरिका के प्रमुख मिलिट्री बेस के ठीक सामने हैं।
ये ड्रिल्स मुख्य रूप से एंटी-एयरक्राफ्ट गन्स पर केंद्रित हैं, जो दुश्मन विमानों को मार गिराने के लिए डिजाइन की गई हैं। महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे फार्स गैस फील्ड, असलुयेह पर्सियन गल्फ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एयरबेस, लावन द्वीप (तेल और गैस हब), चाबहार के आसपास और छोटे बंदरगाहों को सुरक्षा दीवार से घेरा गया है। इन अभ्यासों का मकसद ऊर्जा संसाधनों की रक्षा और दुश्मन विमानों को ऊंचाई पर उड़ने के लिए मजबूर करना है, जिससे ईरानी रडार उन्हें आसानी से ट्रैक कर सकें।
ट्रंप ने बार-बार ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्याएं जारी रहीं तो अमेरिका बहुत कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि मदद रास्ते में है और ईरानी लोगों से विरोध जारी रखने की अपील की। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत से 12 जनवरी 2026 तक 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान को बहुत जोर से मारेंगे अगर शासन प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जारी रखे।
ईरान के इन ड्रिल्स को अमेरिकी हमले के खिलाफ रक्षात्मक तैयारी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरानी गन्स ऊंचाई पर उड़ने वाले जेट्स को निशाना नहीं बना सकतीं, लेकिन वे दुश्मन को रणनीति बदलने पर मजबूर कर सकती हैं। सिविलियन फ्लाइट्स (30,000-40,000 फीट) पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन फारस की खाड़ी के व्यापार मार्गों पर दबाव बढ़ सकता है।
Updated on:
14 Jan 2026 10:57 pm
Published on:
14 Jan 2026 10:57 pm
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