Indian Americans in the United States :डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले विवादास्पद बयान दे दिया है।
Indian Americans in the United States : अमेरिकन प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ( Donald Trump) भारत और चीन को "जबरदस्त टैरिफ-मेकर" कहते हुए बड़ी चेतावनी दी है। उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है, जब यह बात सामने आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अगले महीने के शुरू में वाशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत ( India), चीन और ब्राजील को "जबरदस्त टैरिफ-निर्माता" बताया और कहा कि उनकी सरकार इन तीनों को इस रास्ते पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने घोषणा की, "… हम ऐसा नहीं होने देंगे अब और होगा !, क्योंकि हम अमेरिका को पहले स्थान पर रखेंगे।"
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा रिट्रीट में हाउस रिपब्लिकन से बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि ये तीन देश - तेजी से प्रभावशाली ब्रिक्स ब्लॉक के संस्थापक सदस्य - अपने-अपने सर्वोत्तम हित में काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने यह बात पर भी जोर दे कर कही कि "… वे हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं"। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, हम बाहरी देशों और लोगों पर टैरिफ लगाने जा रहे हैं, जो वास्तव में हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। ठीक है… वे हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन वे मूल रूप से अपने देश को अच्छा बनाना चाहते हैं। चीन एक जबरदस्त टैरिफ निर्माता है, और भारत, ब्राजील, और कई अन्य देश …। (लेकिन) हम अब ऐसा नहीं होने देंगे… क्योंकि हम अमेरिका को पहले रखने जा रहे हैं।
भारत और टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति के दृष्टिकोण को कई लोग समस्याग्रस्त मानते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने अभियान के दौरान अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार दिल्ली को "बहुत बड़ा दुर्व्यवहार करने वाला" बताया था। ट्रंप ने अमेरिका को "बहुत जल्दी" "समृद्ध और अधिक शक्तिशाली" बनाने के लिए "बहुत निष्पक्ष प्रणाली" की भी बात कही, जो उन्होंने पिछले सप्ताह शपथ लेने के बाद कही थी। उन्होंने कहा, "दूसरे देशों को समृद्ध करने के लिए अपने नागरिकों पर कर लगाने के बजाय… हम अपने नागरिकों को समृद्ध करने के लिए विदेशी देशों पर शुल्क और कर लगाएंगे।" उन्होंने दो टूक कहा, अगर विदेशी कंपनियां - भारतीय, चीनी, ब्राजीलियाई, या अन्य - इन उच्च टैरिफ से बचना चाहती हैं, तो उन्हें "अपना प्लांट यहीं अमेरिका में बनाना होगा"।
उन्होंने हाउस रिपब्लिकन को अमेरिकी सेना के लिए आवश्यक स्टील, एल्युमिनियम, तांबे और अन्य सामग्री पर टैरिफ लगाने की योजना के बारे में भी बताया। "हमें उत्पादन वापस लाना होगा…। ट्रंप ने याद दिलाया, एक समय था जब हम एक दिन में एक जहाज बनाते थे। अब हम नहीं कर सकते… हम नहीं जानते कि हम क्या कर रहे हैं।" अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर उच्च टैरिफ - विशेष रूप से चीन से ट्रंप के अभियान के दौरान अक्सर मना किया जाता था। उन्होंने ब्रिक्स देशों पर "100 प्रतिशत टैरिफ" की चेतावनी भी दी, ताकि सदस्य देशों की ओर से आम मुद्रा के रूप में डॉलर का उपयोग न करने की बात बंद की जा सके।
ट्रंप के टैरिफ हमले का एक स्पष्ट आर्थिक एजेंडा है, और वह है अमेरिका में तेजी से विनिर्माण शुरू करना। वे स्टील, सेमी-कंडक्टर व दवाओं आदि जैसी प्रमुख वस्तुओं की कीमतें चिह्नित कर के कुछ ऐसा ही करने की उम्मीद कर रहे हैं। उनका एक सूत्र है, "'अमेरिका फर्स्ट'। उनकी सोच है जैसे-जैसे अन्य देशों पर टैरिफ बढ़ेगा, अमेरिकी श्रमिकों और व्यवसायों पर टैक्स कम हो जाएंगे और बड़ी संख्या में नौकरियां और कारखाने घर आएंगे।"
दूसरी बात यह है कि 'टैरिफ एक हथियार है, यह दृष्टिकोण निर्वासन पर कोलंबिया के साथ ट्रंप के टकराव में रेखांकित किया गया है। दक्षिण अमेरिकी देश ने शुरू में 'अवैध आप्रवासियों' से भरे विमान स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, उसके बाद उसे भारी 25 प्रतिशत टैरिफ और व्यापार युद्ध का सामना करना पड़ा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने तुरंत 'जीत' का दावा करते हुए कहा: आज की घटनाओं से दुनिया के सामने यह साफ हो गया है कि अमेरिका का फिर से सम्मान किया जाए", और ट्रंप ने सोमवार को वह भावना दोहराते हुए पत्रकारों से कहा "अमेरिका को महत्व देना दुनिया के लिए अच्छा है।"