
अमरीका में पैदा हुए भारतीय मूल के नासा वैज्ञानिक को अमरीका के सीमा पर अधिकारियों ने उस वक्त हिरासत में ले लिया, जब वह छुट्टियां मनाकर चिली से लौट रहे थे। नासा के इस वैज्ञानिक को अमरीका के कस्टम और बॉर्डर पर तैनात अधिकारियों ने गिरफ्तार कर उन पर दबाव डाला गया कि वह अपना पिन प्रोडक्ट फोन भी अनलॉक करें।
अमरीका सीमा पर हिरासत में लिए गए सिड बिक्कान्नावार नासा के लैबरेटरी में बतौर जेट प्रॉपल्सन काम करते हैं। तो वहीं वह 30 जनवरी को चिली से वापस अमरीका लौट रहे थे। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद से सीमा पर सुरक्षा पहरा काफी बढ़ा दिया गया है कि साथ ही बाहर से आने वाले हर इंसान की कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है।
ट्रंप प्रशासन के यात्रा प्रतिबंध के आदेश पर हस्ताक्षर के बाद सिड वापस अमरीका लौट रहे थे। जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद अधिकारियों ने उनका फोन मांगा तो उन्होंने देने से मना कर दिया। क्योंकि यह फोन उन्हें नासा की ओर से मिला था। जिसमें कई अहम संवेदनशील जानकारियां थी। तो वहीं सिड को तब तक अधिकारियों ने अपने हिरासत में रखा जब तक की उन्होंने जानकारी साझा नहीं की।
तो वहीं इस घटना के बाद सिड ने अपने फेसबुक पेज पर इस बारे में लिखा। जिसमें में उन्होंने कहा है कि शायद बॉर्डर पर तैनात अधिकारियों को उनके परिवार के भारतीय नाम होने के कारण शक हुआ। साथ ही उन्होंने लिखा है कि मैं अपनी गैरहाजिरी के लिए खेद जताता हूं। इस सप्ताह जब चिली से वापस अमरीका अपने घर आ रहा था तो अमरीका के होमलैंड सुरक्षा अधिकारियों ने गिरफ्तार कर उनके साथ ले गए जिसको बॉर्डर पर मुस्लिम बैन के तहत हिरासत में लिया गया था।
इस घटना के बाद सिड ने फेसबुक के जरिए कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं अमरीका में पैदा हुआ हूं और नासा में बतौर वैज्ञानिक काम करता हूं। साथ ही मेरे पास अमरीका का वीजा था, जिसके साथ यात्रा कर रहा था। तो वहीं घर लौटने के बाद अब उन्होंने अपना फेसबुक पेज भी नष्ट कर दिया है। क्योंकि उन्हें संदेह है कि शायद उनके फेसबुक अकाउंट पर भी नजर रखा जा रहा हो।