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ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट पर किया हमला, भारतीय नागरिक की मौत

Iran-US Israel War: ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध जारी है। ईरान पर हमलों का सिलसिला बरक़रार है और इसके जवाब में ईरान की तरफ से इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए जा रहे हैं। ईरान ने कुवैत में एक पावर प्लांट को निशाना बनाया है, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई।
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Mar 30, 2026
Iran attacks power plant in Kuwait
Iran attacks power plant in Kuwait

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का आज 31वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अप्रत्यक्ष रूप से ईरान से बातचीत जारी है जिससे युद्ध को रोका जा सके, लेकिन इसके बावजूद हमलों का सिलसिला जारी है। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर हमले जारी हैं, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और मिडिल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। ईरान ने आज कुवैत (Kuwait) पर हमला किया और एक पावर प्लांट को निशाना बनाया।

भारतीय नागरिक की मौत

कुवैत में एक पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट पर ईरान ने आज, सोमवार, 30 मार्च को तड़के सुबह हमला किया। ईरान के इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। साथ ही एक बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा। कुवैत के विद्युत एवं जल मंत्रालय ने इस हमले और इसमें भारतीय नागरिक, जो प्लांट में काम करता था, के मारे जाने की पुष्टि की।

कुवैत पर लगातार हमले कर रहा है ईरान

युद्ध शुरू होने के बाद से कुवैत पर ईरान लगातार हमले कर रहा है। ईरान की तरफ से कुवैत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है। मिसाइलों और ड्रोन्स से अब तक कुवैत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान भी पहुंचा है। सिर्फ कुवैत ही नहीं, ईरान अन्य मिडिल ईस्ट देशों में भी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है।

ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है अमेरिका

युद्धविराम की बातचीत के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 3,500 मरीन कॉर्प्स तैनात किए हैं। ऐसे में अब मिडिल ईस्ट में अमेरिका के करीब 50,000 सैनिक मौजूद हैं। साथ ही अमेरिकी नेवी का भी एक बड़ा बेड़ा मिडिल ईस्ट में तैनात है, जिनमें वॉरशिप्स, फाइटर जेट्स भी शामिल हैं। इसी बीच रिपोर्ट सामने आई है कि अमेरिका का युद्ध/रक्षा विभाग पेंटागन (Pentagon) ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है, जो कई हफ्तों तक चल सकता है। इस दौरान खार्ग आइलैंड (Kharg Island) और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के तटीय इलाकों में सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ईरान पहले ही कह चुका है कि अगर अमेरिका ने ग्राउंड ऑपरेशन किया, तो उसे मुंह की खानी पड़ सकती है।

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