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अमेरिका से वार्ता का नहीं है कोई प्लान, ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री की दो-टूक

Iran-US Conflict: ईरान के विषय में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। हालांकि ईरान का रुख बिल्कुल अलग है।
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Jul 29, 2026
Kazem Gharibabadi
काज़ेम गरीबाबादी (File Photo)

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच फिलहाल हमले रुके हुए हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) फिर से सीज़फायर चाहते हैं और जल्द से जल्द एक बार फिर शांति समझौता लागू करना चाहते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही कुछ अच्छा हो सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि ईरान ने अपने प्रतिनिधियों के ज़रिए और सीधे तौर पर अमेरिका के साथ मीटिंग करने की गुज़ारिश की थी और दोनों देशों के बीच मीटिंग हो रही है। हालांकि ईरान ने पूरे मामले पर बिल्कुल अलग रुख अपना रखा है।

अमेरिका से वार्ता का नहीं है कोई प्लान

ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के डिप्टी मंत्री काज़ेम गरीबाबादी (Kazem Gharibabadi) ने दो-टूक सुना दी है कि ईरान की अमेरिका के साथ वार्ता करने का कोई प्लान नहीं है। गरीबाबादी ने साफ कर दिया कि ईरान अमेरिका को इस बात का आदी नहीं बनाना चाहिए कि वो जब चाहे जंग करे और जब चाहे बातचीत की टेबल पर आ जाए।

ट्रंप के दावे को झुठलाया

ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका से हमलों को रोकने और मीटिंग करने की गुहार लगाई थी, लेकिन अब गरीबाबादी ने इसे झुठला दिया है। गरीबाबादी ने दावा किया कि अमेरिका ने ही जंग खत्म करने की गुहार लगाते हुए ईरान को संदेश भेजे थे। इससे लगता है कि अब खुद ट्रंप भी इस युद्ध से तक चुके हैं।

ओमान से बातचीत बढ़ रही आगे

भले ही गरीबाबादी ने कह दिया है कि अमेरिका से बातचीत का ईरान का कोई प्लान नहीं है, लेकिन ओमान (Oman) से बातचीत आगे बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के विषय में सहमति पर पहुंचने की कोशिश की जा रही है। ईरान ने अपनी सेना को होर्मुज स्ट्रेट से न हटाने का और मिलकर ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को मैनेज करने का फैसला लिया है। गरीबाबादी ने यह भी कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर जाने वाले दक्षिणी रास्ते को मान्यता नहीं दी जाएगी और इस जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने का काम पूरी तरह से ईरान के हाथ में है।