Iran News in Hindi : ईरान में पुलिस स्टेशनों पर हमला करने वाले 15 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। उधर जैश अल-अद्ल द्वारा दावा किए गए हमलों में 5 ईरान सुरक्षाकर्मी मारे गए। उधर मीडिया ने गुरुवार को बताया कि सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में एक आतंकवादी समूह दकी ओर से दावा किए गए दो हमलों में कम से कम पांच ईरानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं।
इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स ( Islamic Revolutionary Guard Corps) ने एक बयान में कहा कि ईरान (Iran) में पुलिस स्टेशनों ( Police Stations) पर हमला करने वाले कम से कम 15 आतंकवादियों ( Terrorists ) को मार गिराया गया है। आईआरजीसी ( IRGC) ने बताया कि 10 अन्य घायल हो गए। हमले में कुल 23 लोगों के मारे जाने की खबर है।
पुलिस के पांच सदस्य शहीद
आंतरिक मामलों के उप मंत्री माजिद मिरहमादी ने राज्य टीवी को बताया, "रास्क में गार्ड बेस और चाबहार में एक पुलिस चौकी पर रात के समय हुए दो आतंकवादी हमलों के दौरान इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स और पुलिस के पांच सदस्य शहीद हो गए।
सुरक्षा बल के 10 से अधिक सदस्य घायल
गार्ड्स की भूमि सेना के प्रमुख जनरल मोहम्मद पाकपुर ने टेलीविजन पर कहा कि सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष के दौरान 15 हमलावर मारे गए। मिरहमादी ने कहा कि बुधवार शाम शुरू हुई झड़पों के दौरान सुरक्षा बल के 10 से अधिक सदस्य घायल हो गए।
आतंकवादी" समूह के रूप में सूचीबद्ध
जैश अल-अदल (अरबी में 'न्याय की सेना') ने अपने टेलीग्राम चैनल पर हमलों का दावा किया। 2012 में गठित, संगठन को ईरान और संयुक्त राज्य अमरीका की ओर से "आतंकवादी" समूह के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
सबसे घातक हमलों में से एक
जैश अल-अदल ने दिसंबर में एक हमले का दावा किया था, जिसमें सिस्तान-बलूचिस्तान के रस्क शहर के एक पुलिस स्टेशन पर 11 अधिकारियों की मौत हो गई थी, जो वर्षों में सबसे घातक हमलों में से एक था।
जवाबी हवाई हमले किए
समूह ने 10 जनवरी को रस्क में एक और पुलिस स्टेशन पर हमले का दावा किया जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई। एक हफ्ते बाद, ईरान ने कहा कि उसने पाकिस्तान में सीमा पर जैश अल-अदल के खिलाफ मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान ने "आतंकवादी संगठनों की ओर से इस्तेमाल किए गए ठिकानों" पर जवाबी हवाई हमले किए।
सीमा अफगानिस्तान से भी लगती
गाजा पट्टी में इज़राइल-हमास संघर्ष के दौरान दुर्लभ सीमा पार से हुई गोलीबारी ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया, लेकिन जनवरी के अंत तक दोनों देशों ने तनाव कम करने की कोशिश की। गरीब सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत, जिसकी सीमा अफगानिस्तान से भी लगती है, शिया बहुल ईरान के कुछ मुख्यतः सुन्नी प्रांतों में से एक है।
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