
Strait of Hormuz Attack: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक सुपरटैंकर पर हमले की खबर आई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने एक सुपरटैंकर को निशाना बनाया, जिससे जहाज में आग लग गई। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी समुद्री नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन करने वाले तेल टैंकरों पर 48 घंटों के भीतर यह तीसरा बड़ा हमला है।
सेपाह न्यूज पर ईरानी सेना द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, जहाज अपना नेविगेशन सिस्टम और ट्रांसपोंडर बंद करके एक अनधिकृत रास्ते से जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहा था और उसने नौसेना की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। IRGC ने अपने बयान में कहा कि सुपरटैंकर पर हमला किया गया और इसके बाद उसमें आग लग गई।
IRGC द्वारा जारी वीडियो फुटेज के अनुसार, निशाना बनाए गए कच्चे तेल के सुपरटैंकर की पहचान अल-मक़ाम मोनरोविया के रूप में की गई है। वीडियो में जहाज के इंजन रूम और फनल वाले हिस्से से ऊंची लपटें और काला धुआं निकलता दिख रहा है। UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में सुपरटैंकर पर हमले की जानकारी देते हुए कहा कि एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल लगने के बाद बाहर जा रहे टैंकर में आग लग गई।
IRGC नौसेना कमांडर अली ओज़माई ने हाल ही में एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि ईरानी रडार और पहचान प्रणालियों से बचने के लिए अपना ट्रांसपोंडर बंद करने वाले किसी भी जहाज को सीधे दुश्मन माना जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ताजा हमले के बाद, ईरानी नौसेना ने दोहराया कि किसी भी कमर्शियल जहाज या तेल टैंकर को नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में अमेरिकी सेना का सहयोग कर रहा हो या ईरानी नियमों का उल्लंघन कर रहा हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के एनर्जी ट्रेड के लिए एक बहुत जरूरी समुद्री रास्ता है। इस इलाके में जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों और धमकियों की वजह से तेल की सप्लाई और इंटरनेशनल समुद्री ट्रांसपोर्ट को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। सोमवार को UKMTO ने इस जलडमरूमध्य में जहाज़ों से जुड़ी छह अलग-अलग घटनाओं की जानकारी दी, जिनमें प्रोजेक्टाइल से कमर्शियल जहाजों पर हमले की खबरें भी शामिल हैं।