
Iran Israel Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अब ईरान के आसमान पर अमेरिका का पूर्ण और अचूक नियंत्रण है। सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस बयान को इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि वाशिंगटन अब सीधे इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध में सीधे शामिल हो सकता है। ट्रंप ने यहीं नहीं रुके। ट्रंप ने कहा, हम अच्छी तरह से जानते हैं कि तथाकथित ‘सुप्रीम लीडर’ कहां छिपा है। वह एक आसान टारगेट है लेकिन वहां सुरक्षित है। हम उसे मारेंगे नहीं, कम से कम अभी तो नहीं। मगर, हम नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या अमरीकी सैनिकों पर दागी जाएं। साथ ही ट्रंप ने कहा, कि हमारा धैर्य खत्म होता जा रहा है। इसके बाद एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने साफ लिखा है कि वे ईरान का बिना शर्त समर्पण चाहते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और इजरायल के हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में डर का माहौल है। हजारों लोग शहर छोडकर भाग रहे हैं। सैकड़ों लोग पड़ोसी देशों में भी पहुंच गए हैं। शहर से बाहर की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति है।
गौरतलब है कि इसके पहले इसी भाषा का इस्तेमाल इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को कर चुके हैं। नेतन्याहू ने कहा था कि हमारा ईरान के आसमान पर पूर्ण नियंत्रण है। हम ईरान की डिफेंस क्षमता खत्म कर चुके हैं। एक अन्य इंटरव्यू में नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा था कि ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के साथ युद्ध खत्म हो सकता है।
उधर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहली बार युद्ध पर बयान दिया है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश मध्य पूर्व में अचानक तनाव बढ़ने से बहुत चिंतित है, जो ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण हुआ है। जिनपिंग ने कहा, चीन किसी भी ऐसे कृत्य का विरोध करता है, जो अन्य देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता है। बता दें कि ईरान पश्चिम एशिया में चीनी रणनीति का केंद्र और प्रमुख राजनयिक और आर्थिक सहयोगी रहा है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में उज्बेक राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ बोलते हुए जिनपिंग ने कहा, सैन्य संघर्ष समस्याओं को हल करने का तरीका नहीं है और क्षेत्रीय तनाव का बढ़ना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों में नहीं है।