
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने के बाद फिर एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमलों से तनाव बढ़ गया है। गुरुवार को आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में M/V एवर लवली जहाज पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया था, जिसका जवाब देते हुए अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को देर रात ईरान पर हमला किया। इसका जवाब देते हुए आईआरजीसी ने इलाके में उन जगहों को निशाना बनाया जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है। शनिवार-रविवार को दोनों देशों ने फिर सैन्य कार्रवाई की, जब अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, तो आईआरजीसी ने बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। इसी बीच अब ईरान ने बहरीन को गंभीर चेतावनी दी है।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के एक सलाहकार अली अकबर वेलायती (Ali Akbar Velayati) ने बहरीन को गंभीर चेतावनी दी है कि अगर उकसाया गया, तो बहरीन पर घातक हमला होगा, जो और भी ज़्यादा खतरनाक होगा। वेलायती ने कहा, "बहरीन के लोगों को गंभीर चेतावनी दी जा रही है कि वो अपनी सीमाएं समझें, अपनी किस्मत के साथ ऐसे खेल न खेलें और ईरान को कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर न करें।"
मिडिल ईस्ट में बहरीन, अमेरिका के सहयोगी देशों में से एक है। अमेरिकी सेना बहरीन में मौजूद सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए करती है और इसी वजह से अमेरिका के हमलों का बदला लेने के लिए ईरान की तरफ से बहरीन पर हमले किए जाते हैं। युद्ध के दौरान और सीज़फायर के बाद लेकिन शांति समझौते से पहले भी ईरान ने कई मौकों पर बहरीन को दहलाया। कुवैत पर ईरानी हमलों की भी यही वजह है।
युद्ध की वजह से ईरान और बहरीन के बीच तनाव काफी बढ़ा है। बहरीन ने हाल के महीनों में ईरान के साथ सैन्य संबंध होने के आरोप में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है। बहरीन में ईरान के साथ सैन्य संबंध रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।