
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने जानकारी दी कि ईरान ने कुछ घंटे पहले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों की ओर चार ड्रोन्स दागे, जिन्हें उन्होंने मार गिराया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम आइलैंड (Qeshm Island) और दक्षिणी तट पर स्थित गोरुक (Goruk) में रडार साइट्स पर हमला किया। अमेरिका के इस हमले का बदला लेने के लिए ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत (Kuwait) पर फिर हमला कर दिया है।
ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन्स से कुवैत पर हमला किया है। कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम्स दुश्मन के मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों का सामना कर रहे हैं। सेना के जनरल स्टाफ ने बताया है कि अगर धमाके की आवाजें सुनाई देती हैं, तो ये एयर डिफेंस सिस्टम्स द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने का परिणाम हैं। कुवैत की सेना ने सभी से अनुरोध किया है वो संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
कुवैत पर ईरान के हमले के बाद बहरीन में भी खतरा बढ़ गया है। देश में कई जगह सायरन बजे, जिसके बाद लोगों को शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
पहले अमेरिका के ईरान पर हमले और अब ईरान के कुवैत पर हमले के बाद न सिर्फ ईरान और अमेरिका के बीच, बल्कि मिडिल ईस्ट में भी तनाव बढ़ेगा। दोनों देशों की तरफ से लगातार सीज़फायर का उल्लंघन किया जा रहा है जो चिंता का विषय है। हालांकि ईरान से सीज़फायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कह चुके हैं कि दुनिया के उस हिस्से में सीज़फ़ायर का मतलब है कि आप ज़्यादा संयमित तरीके से गोलीबारी कर रहे हैं।
ट्रंप मिडिल ईस्ट में फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध नहीं चाहते और इसके लिए छोटी-मोटी झड़पें बर्दाश्त करने के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने अपने सहयोगियों को यह बता दिया है कि अगर ईरान के हमलों में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत होती है, तो वह सीज़फायर खत्म कर देंगे।