
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। दोनों देशों के बीच सीज़फायर खत्म हो गया है और साथ ही शांति समझौता भी रद्द हो गया है। इसके साथ ही एक बार फिर हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे मिडिल ईस्ट (Middle East) में स्थिति गंभीर हो गई है। पिछले हफ्ते लगातार दो दिन ईरान पर हमलों के बाद अब अमेरिकी सेना ने पिछली तीन रात फिर हवाई हमले करते हुए ईरान को दहलाया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान भी कुवैत (Kuwait) और बहरीन (Bahrain) के साथ ही होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में भी जहाजों पर हमले कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार ईरान को धमकियाँ दे रहे हैं । ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अमेरिका की सेना ने ईरान की ज़्यादातर सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया है। ट्रंप के इस बयान पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने पलटवार किया है।
ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने ट्रंप की धमकियों और दावों पर बयान दिया है। ईरानी मीडिया चैनल पर दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान पेज़ेशकियान ने कहा, " ट्रंप की बयानबाज़ी तो जारी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह युद्ध के मैदान में अपने लक्ष्यों तक पहुंच पाए हैं? जिन लोगों ने हमारे देश को तोड़ने की कोशिश करने का फैसला किया, उनकी हरकतों से आखिरकार क्या हासिल हुआ? हम अपने कामों से अपनी मातृभूमि के हर इंच की रक्षा करेंगे।"
ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "इतिहास में दक्षिणी ईरान हमेशा से उपनिवेशवाद के खिलाफ प्रतिरोध और आज़ादी को बनाए रखने का प्रतीक रहा है। आज भी इस धरती के नेक लोग धैर्य, दृढ़ता और लगन के साथ दुश्मन के हमले से पैदा हुए मुश्किल दिनों का सम्मान और मज़बूती के साथ सामना कर रहे हैं। मैं इन वफादार और मज़बूत लोगों के साथ खड़ा हूं और उनका आभारी हूं। पूरा ईरान मेरा घर है।"
अमेरिकी हमलों का मुख्य फोकस दक्षिणी ईरान है। इसकी वजह है इस क्षेत्र में ईरान के मुख्य सैन्य ठिकाने, जिनमें तटीय रक्षा प्रणालियाँ, रडार और मिसाइल साइटें शामिल हैं। ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करने के लिए अमेरिका लगातार दक्षिणी ईरान को निशाना बना रहा है।