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होर्मुज को लेकर फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका के हमले के बाद ईरान का पलटवार, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा

IRGC Attack: अमेरिका की एयरस्ट्राइक के कुछ घंटे बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया। होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।
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Jun 27, 2026
Strait of Hormuz news
Strait of Hormuz: होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव(फोटो-IANS)

US Iran conflict: अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम के बाद होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।

IRGC का दावा, अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, उसकी नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में उन स्थानों पर हमला किया, जहां अमेरिकी सेना तैनात है। IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने एक बार फिर अपने वादों का उल्लंघन करते हुए ईरानी तट पर हवाई हमले किए। IRGC ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका की ओर से दोबारा ऐसी कार्रवाई की गई तो उसका जवाब पहले से अधिक व्यापक होगा।

अमेरिकी सेना ने क्यों की कार्रवाई?


अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल मालवाहक जहाज पर हुए हमले के जवाब में ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ तटीय रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। CENTCOM ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन था और अमेरिकी कार्रवाई उसी का जवाब है।

ईरान ने ट्रंप पर साधा निशाना


ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने न तो वार्ता के प्रति और न ही युद्धविराम के प्रति कोई प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई लापरवाही भरी है और इसके परिणाम उसे भुगतने पड़ेंगे।

ट्रंप और जेडी वेंस की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहाज पर हुए हमले को युद्धविराम का 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन' बताया। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को पिछले सप्ताह हुए समझौते के क्रियान्वयन पर कोई आपत्ति है तो उसे सीधे बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

ईरान ने दोहराया अपना रुख


शुक्रवार को ईरान ने फिर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन व्यवस्था पर उसका वैध अधिकार है। साथ ही उसने खाड़ी देशों को अमेरिका के साथ खड़े होने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में ईरान की भूमिका को स्वीकार करना होगा।

Updated on:
27 Jun 2026 06:10 am
Published on:
27 Jun 2026 05:51 am