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‘अमेरिका के साथ शांति समझौता फिर लागू करने की हो रही है कोशिश’, ईरान ने दिया अपडेट

Iran-US Peace Deal: अमेरिका के साथ शांति समझौता फिर से लागू करने के मामले पर ईरान ने अपडेट दिया है।
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Sep 19, 2026
Ali Zeynivand
अली ज़ेनीवंद (Photo - Video Screenshot from @itsalireza_akb)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच भले ही पहले की तरह जंग नहीं हो रही, लेकिन रुक-रूककर दोनों पक्षों के हमलों का सिलसिला अभी भी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन तनाव पहले की ही तरह बना हुआ है। सीज़फायर खत्म होने के बाद से अभी तक दोनों देशों के बीच शांति समझौते को फिर से लागू करने पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच इस मामले पर ईरान की तरफ से अपडेट सामने आया है।

अमेरिका के साथ शांति समझौता फिर लागू करने की हो रही है कोशिश

ईरान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अली ज़ेनीवंद (Ali Zeynivand) ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ मुद्दों को सुलझाने और शांति समझौता (इस्लामाबाद मेमोरेंडम - Islamabad MoU) फिर से लागू करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर कोशिशें चल रही हैं। ज़ेनीवंद ने इस मामले पर अमेरिका से समझौते के तहत किए गए वादों का पालन करने को कहा है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई थी विस्तार से बातचीत

ज़ेनीवंद ने कहा कि हाल ही में भारत (India) की राजधानी दिल्ली (Delhi) में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) 2026 के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) शामिल हुए और इस बारे में विस्तार से बातचीत भी की। इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation - SCO) का 2026 बिश्केक SCO शिखर सम्मेलन जिसका आयोजन किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) के बिश्केक (Bishkek) हुआ था, के दौरान भी ईरानी राष्ट्रपति ने कूटनीति के ज़रिए शांति समझौता फिर से लागू करने के विषय में चर्चा की थी।

बहुत जल्द खत्म होगा ईरान के खिलाफ युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कुछ समय पहले ही कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध जल्द ही खत्म होगा। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसकी कोई तय तारीख नहीं बताई, पर इस बात की संभावना जताई जा रही है कि नवंबर में अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म हो सकता है। ट्रंप ने यह भी बताया कि युद्ध के बाद तेल की कीमतें भी गिर जाएंगी। युद्ध की वजह से तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे दुनियाभर में पेट्रोल-डीज़ल महंगा हो गया है।