
Iran-US-War: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद तेहरान ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) सक्रिय कर दी। साथ ही, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करने की बात कही है। उधर, ईरान के इन कथित हमलों के बाद बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया है, जबकि जॉर्डन ने आठ ईरानी मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। IRGC का आरोप है कि अमेरिका ईरान पर हमले करने के लिए कुवैत की जमीन का इस्तेमाल कर रहा है।
ईरानी सेना ने जॉर्डन के अज़राक एयरबेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। सेना के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम, स्थायी रडार साइट और ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया। वहीं, जॉर्डन ने आठ ईरानी मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।
ईरानी सेना के मुताबिक, ईरान के बामपुर शहर स्थित बैरकों पर हुए एक हमले में उसके सात सैनिक मारे गए थे। इसी के जवाब में यह ड्रोन हमला किया गया। वहीं, बहरीन में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि राजधानी तेहरान के पास स्थित पाकदश्त शहर में विस्फोट जैसी आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई के कारण सुनाई दीं। IRGC के अनुसार, पाकदश्त और तेहरान के पास स्थित सैन्य परिसर परचिन में इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
ईरान पर अमेरिकी हमलों के नए दौर में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों का नया दौर शुरू होने के बाद से अब तक 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कम से कम 35 लोगों की मौत हुई है।वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान का कहना है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं।