मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगले 2 दिनों में ईरान और अमेरिका में बातचीत हो सकती है। यह बातचीत पाकिस्तान में होगी।
Iran-America War: अमेरिका, ईरान और पश्चिम एशिया की राजनीति इन दिनों फिर से गरमा गई है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम हो सकते हैं। इसी बीच Donald Trump ने एक बड़ा बयान देकर चर्चा को और तेज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान से बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है, और इसके लिए पाकिस्तान एक संभावित जगह हो सकता है। उन्होंने कहा कि “अगले दो दिन बहुत अहम हैं, कुछ बड़ा हो सकता है।” उनके इस बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अभी भी बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता, भले ही हालिया कोशिशें नाकाम रही हों।
दूसरी तरफ ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, यूएई और जॉर्डन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ माहौल बनाया। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने एक पत्र लिखकर साफ कहा कि ये देश आत्मरक्षा का हवाला नहीं दे सकते, क्योंकि उन्होंने खुद इस टकराव को बढ़ावा दिया। यह पत्र संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजा गया।
असल में, पिछले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिश हुई थी। लेकिन ये बातचीत सफल नहीं हो सकी। इसके तुरंत बाद हालात और बिगड़ गए। ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम जलमार्ग ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ को बंद करने की घोषणा कर दी। हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उनका इस इलाके पर पूरा नियंत्रण है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर कोई अमेरिकी सैन्य जहाज यहां आता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह स्थिति वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बन चुकी है।
इधर एक और मोर्चे पर हलचल तेज है। हाल ही में इजरायल ने लेबनान पर बड़े हमले किए थे, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई। अब खबर है कि दोनों देश सीधे बातचीत करने वाले हैं। यह बातचीत वॉशिंगटन में होगी, जिसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री करेंगे।