US-Iran Conflict: डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि अमेरिका ईरान पर नए हवाई हमले का आदेश देने से सिर्फ 60 मिनट दूर था, लेकिन आखिरी समय में फैसला टाल दिया गया।
Iran US War Update Trump Strike: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर नए सैन्य हमले का आदेश देने से सिर्फ 60 मिनट दूर था, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने कार्रवाई रोकने का फैसला लिया।
व्हाइट हाउस में सोमवार रात हुई हाई-लेवल बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई, शांति वार्ता और आगे की रणनीति पर कई घंटों तक चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य संसाधन हमले के लिए पूरी तरह तैयार थे।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर दो या तीन दिन और इंतजार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, शायद शुक्रवार, शनिवार या रविवार तक इंतजार करेंगे। हम देखना चाहते हैं कि बातचीत किस दिशा में जाती है।
हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि यदि बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, जॉइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल डेनियल कैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में ईरान युद्ध की स्थिति, संभावित शांति समझौते और सैन्य विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ट्रंप ने दावा किया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों के नेताओं ने उनसे सैन्य कार्रवाई टालने की अपील की थी। उनके मुताबिक, इन देशों ने कहा कि ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है और समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। हालांकि बाद में कुछ खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें किसी संभावित अमेरिकी हमले की जानकारी नहीं थी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। जेडी वेंस ने कहा हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर हमें मजबूर किया गया तो हम पीछे नहीं हटेंगे।
फरवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ी है और वैश्विक तेल बाजार भी प्रभावित हुए हैं।