
Iran-US War: अमेरिका और इरान के बीच एक बार फिर सैन्य गतिविधियां तेज हो गई है। इन घटनाओं के चलते पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि देश के दक्षिण पश्चिमी शहर अहवाज में स्थित कैंसर अस्पताल के पास मिसाइल हमला हुआ है। यह घटना उस समय सामने आई जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाते हुए दूसरी लहर के हमलों की घोषणा की। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
इरान के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय (MOHME) के जनसंपर्क एवं सूचना केंद्र के प्रमुख हुसैन करमनपोर ने बताया कि हमला बोगहायी अस्पताल-2 के पास हुआ, जहां कैंसर मरीजों का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा, कुछ समय पहले अहवाज में बोगहायी अस्पताल-2 (कैंसर मरीजों के लिए समर्पित) के आसपास मिसाइल हमला हुआ। तेज आवाज और जोरदार कंपन के डर से कुछ मरीज और उनके साथ मौजूद लोग अस्पताल छोड़कर चले गए हैं और अब केवल सबसे गंभीर मरीज ही अस्पताल में मौजूद हैं। इस बयान के अनुसार अस्पताल के भीतर भय का माहौल बन गया, हालांकि मरीजों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इरानी सरकारी प्रसारण संस्था इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ इरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने यह भी बताया कि होरमोजगान प्रांत के केश्म क्षेत्र में स्थित एक औद्योगिक परिसर को भी नुकसान पहुंचा है। प्रांत के गवर्नर के हवाले से कहा गया कि केश्म में सूजा फिश पाउडर फैक्ट्री के एक हिस्से पर दुश्मन के हमले के बाद फैक्ट्री को सीमित नुकसान पहुंचा है। स्थान खाली होने के कारण अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसकी दूसरी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले समुद्री मार्गों के लिए खतरा मानी जा रही इरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाना था।
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहम्मदी ने कहा कि इरान अपनी सैन्य प्रतिक्रिया जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि दुश्मन को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह मौजूदा युद्ध की स्थिति को जारी रखकर इसे थकावट की लड़ाई में बदल सकता है। इरान की वर्तमान कार्रवाई क्षेत्र में अमेरिका के आक्रामक ढांचे को नष्ट करने पर केंद्रित है। इसके बाद अगले कदम शुरू होंगे। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव निकट भविष्य में और बढ़ सकता है।