
इराकी सेना ने आईएसआईएस के गढ़ मोसुल शहर में घुसकर हमला करने की पूरी तैयारी कर ली है। इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल आब्दी ने आतंकियों को समर्पण करने या मरने की धमकी देते हुए कहा कि अब उनके पास कोई च्वाइस नहीं है।
इराकी सेना की आतंकरोधी युनिट सोमवार से मोसुल के गोगजाली शहर में आतंकियों से लोहा ले रही है। सेना के अधिकारी अब्देलवाहाब अल शादी ने कहा कि हम अभी बढ़त में हैं और जल्दी ही दो साल के बाद हम मोसुल शहर से आतंकियों को बाहर कर देंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद हमारा लक्ष्य अल जाहरा और अल कारामा की तरफ बढ़ेंगे।
गौरतलब है कि मोसुल पर आइएस ने जून 2014 में कब्जा कर लिया था। इस शहर को मुक्त कराने का अभियान 17 अक्टूबर को शुरू हुआ था। शिया मिलिशिया, कुर्द बल, स्थानीय कबायली और अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से इराकी सेना तेजी से भारी हथियारों, बख्तरबंद वाहनों, तोपों और बुलडोजरों के साथ आगे बढ़ रही है। हालांकि सैन्य कमांडरों का कहना है कि लड़ाई अभी भी लंबी चल सकती है, क्योंकि शहर में अब भी 15 लाख नागरिक हैं। आतंकी इन्हें ढाल बना सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सोमवार तड़के मोसुल से सटे दक्षिण शहर हम्माम-अल-अलीली से आतंकियों ने करीब 25 हजार लोगों को अगवा कर लिया। ट्रकों और बसों से इनलोगों को मोसुल में आतंकी अपने ठिकानों पर ले गए हैं। इनका इस्तेमाल सेना को रोकने के लिए किए जाने का अंदेशा है।