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US Iran Talks: सोमवार से शुरू होगी अमेरिका-ईरान बातचीत, ट्रंप ने समयसीमा तय करने से किया इनकार

Donald Trump Iran: खाड़ी देशों की मध्यस्थता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अपने हमले के फैसले को ऐन वक्त पर रोक दिया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सोमवार से नए सिरे से वार्ता शुरू होने जा रही है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में अचानक नरमी देखने को मिली है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 03, 2026

Trump Iran Deal

Trump Iran Deal :अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर ट्रंप का बयान, बोले—डील के लिए कोई डेडलाइन नहीं (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)

Trump Statement on Iran: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के मुहाने पर खड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में एक बड़ा मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयरफोर्स वन पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ऐलान किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार दोपहर से औपचारिक बातचीत शुरू होने जा रही है। ट्रंप ने जानकारी दी कि उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे पर प्रस्तावित कई बड़े हवाई हमलों को अंतिम क्षणों में रद्द कर दिया।

इस नाटकीय मोड़ के पीछे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की कूटनीतिक पहल को मुख्य वजह बताया जा रहा है। इन तीनों प्रमुख खाड़ी देशों ने ट्रंप प्रशासन से अपील की थी कि वे सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान और समझौते के रास्ते पर आगे बढ़ें।

US Iran Talks: 'जून का समझौता ही भविष्य की धुरी': ईरान का अमेरिका को स्पष्ट संदेश

वाशिंगटन की घोषणा के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह चालू वर्ष के जून महीने में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए सहमति पत्र (MoU) के प्रति प्रतिबद्ध रहे। पेज़ेश्कियान का कहना है कि यह अंतरिम समझौता ही आने वाले समय में तेहरान की विदेश नीति की मुख्य धुरी रहेगा।

होर्मुज की सुरक्षा पर ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में > ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर तेहरान और ओमान के बीच वार्ता अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

जून समझौते (इस्लामाबाद ज्ञापन)

जून में हस्ताक्षरित इस ऐतिहासिक समझौते के तहत ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य हमले रोकने, होर्मुज के समुद्री मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और परमाणु निरस्त्रीकरण के रोडमैप पर सहमति बनी थी। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमलों और अमेरिकी पलटवार के बाद यह समझौता संकट में आ गया था। अब एक बार फिर वार्ता की मेज पर लौटना विश्व शांति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

वैश्विक तेल बाजार में बड़ी गिरावट: 4 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा लुढ़का कच्चा तेल

अमेरिका द्वारा हमलों को रोकने और वार्ता शुरू करने की खबर का असर वैश्विक वित्तीय और ऊर्जा बाजारों पर तुरंत देखने को मिला।
ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): 4.08 (4.64%) की गिरावट के साथ $83.85 प्रति बैरल पर आ गया।
डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): 4.01 (4.74%) लुढ़ककर 80.66 प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

ज्ञात हो कि पिछले महीने जब अमेरिका और ईरान के बीच हमले तेज हुए थे और होर्मुज के जलक्षेत्र में टैंकरों को निशाना बनाया गया था, तब कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया था। अब तनाव कम होने की उम्मीद से भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों ने राहत की सांस ली है।

गाजा में तबाही जारी: शांति रोडमैप के बावजूद इजराइली हमले तेज

तनाव घटाने के अमेरिकी दावों के बीच गाजा पट्टी में स्थिति अब भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इजराइली सेना ने रविवार को भी गाजा पर भीषण बमबारी जारी रखी, जिसमें कम से कम 18 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जुलाई का महीना युद्ध में जान गंवाने वालों के आंकड़ों के लिहाज से अब तक का सबसे घातक महीना साबित हुआ है।