Anjem Choudary Gets Punished: हिंदू विरोधी और इस्लामिक कट्टरपंथी मौलवी अंजेम चौधरी को आज उम्रकैद की सज़ा मिल गई है।
लंदन में रहने वाला मौलवी अंजेम चौधरी (Anjem Choudary), जो हिंदू विरोधी होने के साथ ही इस्लामिक कट्टरपंथी भी है, पिछले साल 17 जुलाई को अपने ही घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। 57 वर्षीय अंजेम ने अपनी गिरफ्तारी का पूरी तरह से विरोध किया, पर पुलिस ने उसकी एक न सुनी और उसे अपने साथ पुलिस स्टेशन ले गई और उसे जेल में बंद कर दिया गया। तब से कट्टरपंथी अंजेम जेल में ही बंद है। लंदन की वूलविच क्राउन कोर्ट ने कुछ दिन पहले ही अंजेम को आतंकी संगठन से कनेक्शन में आरोपी करार दिया था। अब आज अंजेम को सज़ा भी दे दी गई है।
पूरी ज़िंदगी बितानी होगी जेल में
अंजेम को पूरी ज़िंदगी जेल में बितानी होगी। लंदन की वूलविच क्राउन कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सज़ा दी है। अंजेम को उम्रकैद की सज़ा देने की अटकलें चल रही थी और आज अटकलें सच में बदल गई।
कोर्ट में हुआ था अंजेम का पर्दाफाश
अंजेम पर आतंकी संगठन एएलएम (अल-मुहाजिरौन) की सदस्यता, उसे निर्देशित करना और संगठन के लिए मदद/समर्थन जुटाने के लिए मीटिंग करने के मामले में पर्दाफाश हो गया था।
पहले भी मिल चुकी है सज़ा
यह पहला मौका नहीं है जब अंजेम को सज़ा मिली है। इससे पहले अंजेम को 2016 में गिरफ्तार किया गया था और 5 साल की जेल की सज़ा मिली थी। अंजेम को 2016 में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के लिए समर्थन जुटाने के अपराध के लिए सज़ा मिली थी।
इस्लामिक कट्टरपंथी और हिंदू विरोधी है अंजेम
लंदन में रहने वाला अंजेम इस्लामिक कट्टरपंथी होने के साथ ही हिंदू विरोधी भी है। अंजेम को जब भी मौका मिला, वह हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने से पीछे नहीं हटा। इतना ही नहीं, अंजेम तो अमेरिका और यूके के खिलाफ बोलने का भी कोई मौका नहीं छोड़ता था। अंजेम अमेरिका में हुए 9/11 हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों की भी तारीफ कर चुका है। साथ ही वह बकिंघम पैलेस को मस्जिद में बदलने की भी इच्छा जाता चुका है।
अंजेम यूके में सबसे कट्टरपंथी मुस्लिम माना जाता है और अपनी इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से वह हमेशा दूसरे लोगों के मन में जहर घोलने की कोशिशों में लगा रहा। साथ ही आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से कनेक्शन होने की वजह से अंजेम समय-समय पर उसके लिए समर्थन जुटाने में भी लगा रहा और दूसरे लोगों को भी इसके लिए उकसाता था। अंजेम आतंकी संगठन एएलएम (अल-मुहाजिरौन) की गतिविधियों में भी पूरी तरह से लिप्त था।
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