
इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच जंग जारी है। 2 मार्च से इज़रायली सेना ने साउथ लेबनान में हमलों का सिलसिला तेज़ कर दिया था, जो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इज़रायली सेना की कार्रवाई की वजह से साउथ लेबनान में तबाही मच चुकी है। आज एक बार फिर इज़रायली सेना ने साउथ लेबनान पर हमले करते हुए हाहाकार मचा दिया।
लेबनान की न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार साउथ लेबनान के नबातीह ज़िले में इज़रायली सेना ने हवाई हमलों और तोपखाने से गोलाबारी करते हुए तबाही मचा दी। इज़रायली हमलों में 16 लोगों की मौत हो गई।
इज़रायली हमलों के बाद नबातीह ज़िले में कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल और मेडिकल शिविरों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
लेबनान की न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार नबातीह शहर के साथ-साथ कफर जौज और आस-पास के कई कस्बों, जिनमें कफर रेमन और ज़ेबदीन शामिल हैं, में इज़रायली सेना ने गोलाबारी की। इसके बाद कफ़र तिबनित और रायहान हाइट्स में इज़रायली सेना ने हवाई हमले किए।
इज़रायल को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश की भी परवाह नहीं है। ट्रंप कई बार इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) को लेबनान पर हमले रोकने के लिए कह चुके हैं। दो बार तो ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को लताड़ भी लगाई है। ट्रंप का मानना है कि इज़रायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए लेबनान में बड़े लेवल पर हमले करना सही नहीं है, क्योंकि इन हमलों से जान-माल का भारी नुकसान होता है। लेबनान के मामले पर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच अनबन चल रही है, लेकिन इसके बावजूद इज़रायली सेना के हमले जारी हैं।
इज़रायल ने 2 मार्च से लेबनान पर हमले तेज़ कर दिए थे। इन हमलों को रोकने के लिए ट्रंप की मध्यस्थता में 16 अप्रैल को पहली बार दोनों देशों में 10 दिन का सीज़फायर हुआ, लेकिन जंग नहीं रुकी। इसकी डेडलाइन खत्म होने के बाद सीज़फायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन फिर भी जंग जारी रही। 15 मई को एक बार फिर दोनों देशों के बीच 45 दिन के सीज़फायर की सहमति बनी, लेकिन जंग खत्म नहीं हुई। 3 जून को एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी, लेकिन अभी भी इज़रायल के हमले जारी हैं।