
Israel destroys Hezbollah base: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इजराइली फौजों ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का अली अत-ताहेर नाम का बड़ा भूमिगत ठिकाना पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
यह ठिकाना नाबतिया के पास इजराइल की सुरक्षा बफर जोन के अंदर था। नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने एक साथ बयान जारी कर कहा कि यह ठिकाना दो दशक से ज्यादा समय में बनाया गया था। इसमें ईरान से फंडिंग मिलने वाले भारी मात्रा में हथियार रखे हुए थे।
इजराइल के दोनों नेताओं ने दावा किया कि यह जगह गलील क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए बेस की तरह इस्तेमाल होनी थी। साथ ही मेटुला और किर्यात शमोना शहरों पर नजर रखने और हमला करने के लिए भी तैयार की गई थी।
इजराइली सेना के मुताबिक, इस सुविधा को रणनीतिक अहमियत दी जा रही थी। लेकिन कोई ठोस सबूत या तस्वीरें अभी सामने नहीं आई हैं। नेतन्याहू और काट्ज ने साफ कहा कि उनकी मंजूरी के बाद ही सेना ने यह कार्रवाई की। अब दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा जोन की व्यवस्था पूरी हो चुकी है।
विस्फोट के बाद सेना इस इलाके की रक्षा को और मजबूत करने में लगी है। उनका मकसद है कि दुश्मन दोबारा इस इलाके में लौट न सके। बयान में कहा गया कि आतंकी ढांचे और मुख्यालय पहाड़ी के नीचे बने थे। ये सब गलील पर हमले की तैयारी का हिस्सा थे।
यह कार्रवाई तब हुई जब दक्षिणी लेबनान में तनाव पहले से बना हुआ है। इजराइल लंबे समय से हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नजर रखे हुए है। नेतन्याहू ने इस हमले को सुरक्षा व्यवस्था पूरी करने का अहम कदम बताया।
नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान से आने वाले हथियारों का जखीरा अब खत्म हो गया है। लेकिन कई विशेषज्ञ इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं क्योंकि कोई स्वतंत्र सबूत अभी उपलब्ध नहीं है।
दक्षिणी लेबनान का यह इलाका लंबे समय से विवादित रहा है। इजराइल का कहना है कि बफर जोन में अब सुरक्षा व्यवस्था ठोस हो गई है। हालांकि, हिजबुल्लाह की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।