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‘मैं स्तब्ध हूं, किसी को ऐसी उम्मीद नहीं थी’…ईरान के इस कदम से ट्रंप हैरान

ईरान और US-इजरायल संघर्ष की वजह से मिडिल ईस्ट के क्षेत्र में नाजुक हालात हैं। इसी बीच US-इजरायल पर ईरान की जवाबी कार्रवाई से डोनाल्ड ट्रंप हैरान हैं। उन्होंने ईरान की सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ी बात कही है।

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Mar 17, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Photo-AI)

Israel-Iran Conflict: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष से पूरे मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण माहौल है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण खाड़ी देशों से भारत समेत दुनिया के कई देशों में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली गैस-तेल की सप्लाई बाधित हुई है। ईरान-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल के दामों में इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ इजरायल-अमेरिका के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई से अमेरिका हैरान है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर किए गए हमले से हैरान हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- मैं खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों पर ईरान के हमले से स्तब्ध हूं। ट्रंप ने कहा- ईरान को मिडिल ईस्ट के अन्य देशों पर हमला नहीं करना चाहिए था। किसी को इसकी उम्मीद नहीं थी। ईरान के फैसले से हम सब हैरान रह गए।

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दरअसल, ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वाशिंगटन ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने से पहले जवाबी कार्रवाई के जोखिमों का पर्याप्त आकलन किया था? इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के फैसले से स्तब्ध हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी हमले से पहले वहां की खुफिया एजेंसियों ने व्यापक जवाबी कार्रवाई के खतरे की आशंका जताई थी। इसमें UAE, कतर, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर हमले की आशंका थी। युद्ध से पूर्व अमेरिकी एजेंसियों ने यह भी आशंका जताई थी कि ईरान पर हमले से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष छिड़ सकता है। वाशिंगटन को चेतावनी दी गई थी कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) को भी बंद करने का प्रयास कर सकता है।

ईरान-इजरायल संघर्ष से अमेरिका को नुकसान

ईरान-इजरायल के बीच पिछले 2 सप्ताह से जंग जारी है। इस जंग में ईरान को बड़े पैमाने पर अमेरिका-इजरायल हमले से नुकसान हुआ है। ईरान की जवाबी कार्रवाई से अमेरिका को भी काफी नुकसान हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ जंग से अमेरिका के खजाने पर बड़ा असर पड़ रहा है। अब तक इस जंग में अमेरिका करीब 12 अरब डॉलर का खर्च कर चुका है। इस जंग में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों की चिंता भी बढ़ गई है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट हमला

ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच बगदाद में मंगलवार को अमेरिकी दूतावास पर भीषण हमला हुआ है। अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट और ड्रोन हमला किया गया। इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह हमला हाल के युद्ध के दौरान सबसे गंभीर था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस तनाव के बीच ईरान ने रात भर इजरायल पर मिसाइल हमले किए। इजरायल की सेना ने प्रतिक्रिया में कहा कि उसने तेहरान में ईरानी शासन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान-इजराइल संघर्ष से वैश्विक बाजारों पर असर

ईरान-इजराइल संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली ईंधन की सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर वैश्विक बाजारों पर दिख रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। सप्लाई बाधित होने से एशियाई देशों में तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है।

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