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क्या इजरायल और लेबनान में रुक जाएगी जंग, सीजफायर पर रोम में बातचीत की उम्मीद जागी

Israel-Lebanon Ceasefire Talks: इजरायल और लेबनान के बीच जंग रोकने के लिए 15 और 16 जुलाई को रोम में बातचीत होगी। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने मंगलवार को इस आशय की घोषणा की। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने रोम में शांति वार्ता होने की बात की पुष्टि की।
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Jul 07, 2026
Israel-Lebanon Ceasefire Talks News.
इजरायल की लेबनान पर बमबारी।(फाइल फोटो: @AMK_Mapping_ social media)

Israel-Lebanon Ceasefire Talks in Rome: अमेरिका और ईरान में सीजफायर के बाद अब इजरायल और लेबनान के बीच जंग रुकने और उसके लिए रोम में बातचीत होने के आसार जागे हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच रुख में नरमी कम ही नजर आ रही है। जहां ईरान का कहना है कि जब तक ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के पास एक टैंकर पर हुए हमले के बाद अपनी धमकियां वापस नहीं लेते, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। ध्यान रहे कि इजरायल-लेबनान समझौते के बाद युद्ध के दौरान विस्थापित हुए लोग दक्षिणी लेबनान के टायर में इजरायली हमलों में तबाह हुई इमारतों के मलबे के पास रह रहे हैं।

इटली ने कर दी घोषणा, 'हां रोम में वार्ता होगी'

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने मंगलवार को कहा कि इजरायल और लेबनान तनाव कम करने के उद्देश्य से वाशिंगटन में कई दौर की चर्चाओं के बाद इस महीने रोम में सीधी बातचीत करेंगे।

वार्ता 15 और 16 जुलाई को राजदूत स्तर पर होगी

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने मंगलवार को यह पुष्टि तो की कि लेबनान के साथ वार्ता का अगला दौर रोम में होगा। दोनों देश पिछले महीने अमेरिका के समर्थन से हुए फ्रेमवर्क समझौते को आगे बढ़ाने के लिए कह तो रहे हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, इजरायल की लेबनान में कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि वार्ता 15 और 16 जुलाई को राजदूत स्तर पर होगी। दोनों पड़ोसी देशों के बीच यह वार्ता का छठा दौर होगा, जिनके बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं और तकनीकी रूप से वे युद्ध की स्थिति में हैं।

इजरायल-लेबनान और अमेरिका ने पिछले महीने समझौते पर हस्ताक्षर किए

दोनों देशों और अमेरिका ने पिछले महीने 'स्थायी शांति के उद्देश्य से एक ढांचागत समझौते पर हस्ताक्षर किए, यह समझौता इजरायल की सेना और ईरान समर्थक हिजबुल्लाह के बीच 2 मार्च से चल रही लड़ाई में नाजुक युद्धविराम के लागू होने के पांच दिन बाद हुआ।

इजरायली सेना पीछे हटी तो लेबानान बात करेगा

इस समझौते के प्रारूप में यह शर्त रखी गई है कि लेबनान की सेना हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण के अधीन देश के दक्षिण में अपना अधिकार बहाल करेगी, जिसकी उन 'पायलट क्षेत्रों' से शुरुआत होगी जहां से इजरायली सेना पीछे हट जाएगी।

हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमला किया था

गौरतलब है कि हिजबुल्लाह ने 2 मार्च को इजरायल पर हमला कर के लेबनान को क्षेत्रीय युद्ध में घसीट लिया था, और दावा किया था कि यह हमला ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बदले में किया गया था, जिनकी 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों में मौत हो गई थी।

इजराइल ने बड़े पैमाने पर बमबारी कर जवाब दिया था

इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर बमबारी कर जमीनी हमले के साथ हिजबुल्लाह को जवाब दिया, साथ ही दक्षिणी लेबनान के पूरे क्षेत्र खाली करने के लिए बार-बार आह्वान किया था। बेरुत के अनुसार, इजरायल के हमलों से लगभग 4,300 लोगों की मौत हुई है।

हिजबुल्लाह हमला न करे तो सीजफायर का मकसद पूरा होगा

बहरहाल मौजूदा हालात ये हैं कि अगर इजरायल और लेबनान के बीच रोम में होने वाली समझौता वार्ता से पहले अगर हिजबुल्लाह ने लेबनान की ओर से इजरायल पर हमला न किया तो सीजफायर का मकसद पूरा हो पाएगा