
इजराइल की डेमन जेल में बंद फिलिस्तीनी महिलाओं की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। खासकर गर्भवती कैदियों को सही इलाज से दूर रखा जा रहा है।
एक महिला पांच महीने की गर्भवती है, उसे नियमित जांच तक नहीं मिल रही। वहीं, दूसरी महिला नौवें महीने में पहुंचने वाली है, ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी सेहत का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
फिलिस्तीनी कैदियों के मीडिया ऑफिस ने बताया कि जेल में रह रही गर्भवती महिलाओं को सही खाना, दवा और साफ-सफाई का सामान नहीं दिया जा रहा। कपड़े और निजी इस्तेमाल की चीजें भी छीन ली गई हैं।
इस बीच, मनार इब्राहिम कराजा की कहानी सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है। वो पांच महीने की गर्भवती हैं और दो बच्चों की मां भी हैं। 8 जुलाई के बाद से उनकी कोई प्रेग्नेंसी चेकअप नहीं हुई।
इससे भी बुरी बात ये है कि पिछले दो महीने से कराजा को बहुत तेज खुजली और त्वचा पर घाव हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ये खुजली स्केबीज जैसी बीमारी के लक्षण लगते हैं।
जेल में पहुंचने से पहले उनका वजन 60 किलो था। सिर्फ 20 दिन में ये वजन घटकर 54 किलो रह गया। अब थोड़ा बढ़कर 57 किलो हुआ है, लेकिन गर्भावस्था में इतना कम वजन बहुत खतरनाक माना जाता है।
ऑफिस की ओर कहा गया है कि जेल का खाना इतना घटिया है कि उसमें गर्भवती महिला के लिए जरूरी पोषक तत्व ही नहीं मिल पाते। दूसरी तरफ दाना जौदेह का मामला भी कम चिंताजनक नहीं।
सितंबर की शुरुआत में जौदेह अपने नौवें महीने में पहुंच जाएंगी। इतने आगे की गर्भावस्था में नियमित डॉक्टर की निगरानी न होना मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
मीडिया ऑफिस ने इजरायली अधिकारियों से अपील की है कि दोनों महिलाओं की तुरंत पूरी जांच करवाई जाए। उन्हें अच्छा खाना, साफ-सफाई का सामान और जरूरी दवाएं दी जाएं।
खासकर मनार को त्वचा की बीमारी का इलाज और अस्पताल में प्रेग्नेंसी मॉनिटरिंग की जरूरत है। ये सिर्फ दो महिलाओं की बात नहीं है। जेल की हालत ऐसी बताई जा रही है कि वहां रहने वाली गर्भवती कैदियों को रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी मुश्किल से मिल पाती हैं।
फिलिस्तीनी पक्ष बार-बार कह रहा है कि इन महिलाओं को मानवीय आधार पर बेहतर सुविधाएं दी जानी चाहिए। अभी तक इजराइली जेल प्रशासन की तरफ से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। लेकिन फिलिस्तीनी कैदी संगठनों का दावा है कि स्थिति गंभीर है और तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।