
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एपल का 15 साल तक नेतृत्व करने के बाद टिम कुक ने सीईओ का पद छोड़ दिया है। मंगलवार से एपल की कमान कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग चीफ जॉन टर्नस के पास आ गई है। करीब 375 लाख करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यू वाली एपल की कमान संभालने वाले जॉन टर्नस 2001 में कंपनी की प्रोडक्ट डिजाइन टीम में शामिल हुए थे। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर जॉन टर्नस कौन हैं और एआई के दौर में उनके सामने कौन सी नई चुनौतियां हैं।
जॉन टर्नस उन सभी हार्डवेयर डिवाइसेस के विकास की निगरानी कर चुके हैं जो मौजूदा समय में एपल के कुल राजस्व का 80 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। इनमें मैक, आईपैड, एयरपॉड्स और आईफोन एयर शामिल हैं। मैक कंप्यूटर्स से इंटेल प्रोसेसर्स हटाकर एपल के इन-हाउस M-सीरीज सिलिकॉन चिप्स पर ले जाने का श्रेय टर्नस को ही जाता है। एपल की प्रीमियम 'प्रो' लाइनअप को दोबारा लोकप्रिय बनाने में भी टर्नस की अहम भूमिका रही है।
जॉन टर्नस ने पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है। एपल से जुड़ने से पहले वह 'वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स' में काम कर चुके हैं। 2001 में एपल से जुड़ने के बाद, वह 2013 में कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग विभाग के वाइस प्रेसिडेंट बने। 2021 में पदोन्नत (प्रमोट) होकर वह सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने। हाल के समय में उनकी ही टीम ने आईफोन 17 सीरीज, मैकबुक नियो और आईफोन एयर पर काम किया है। पद से हटने की घोषणा के समय टिम कुक ने जॉन टर्नस की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया था, जो एक इंजीनियर और इनोवेटर की सोच व ईमानदारी के साथ नेतृत्व करते हैं।
जॉन टर्नस ऐसे समय पर एपल की कमान संभाल रहे हैं जब दुनिया में एआई के कारण टेक इंडस्ट्री में भारी उथल-पुथल है। एपल इस वर्ष जनरेटिव एआई से लैस अपने उन्नत 'सिरी' (Siri) असिस्टेंट का बीटा वर्जन लॉन्च करने वाला है। इसके अलावा टर्नस के सामने आईफोन का एक भविष्यवादी (फ्यूचरिस्टिक) विकल्प तलाशने की भी चुनौती है। टर्नस का पहला बड़ा पब्लिक प्रोग्राम 9 सितंबर को एपल के हार्डवेयर इवेंट के रूप में हो सकता है।