Pakistan Targeted Killing: पाकिस्तान में एक बार फिर रहस्यमयी अंदाज में एक बड़े आतंकी चेहरे का खात्मा हो गया है।
Sheikh Yusuf Afridi Shot Dead: पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। आतंकी ग्रुप लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है। बताया जाता है कि वह आतंकी हाफिज सईद का करीबी था... और इलाके में संगठन के कामकाज को संभालता था।
बता दें यह पहली घटना नहीं है, जो पाकिस्तान में ऐसा हुआ है। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई बड़े आतंकी इसी तरह मारे गए हैं। लगातार हो रही इन हत्याओं से अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह आपसी दुश्मनी का नतीजा है या फिर किसी बड़ी योजना के तहत आतंकियों को खत्म किया जा रहा है।
देखा जाए तो पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आ रहा है… बड़े-बड़े आतंकी रहस्यमयी हमलों में निशाना बन रहे हैं। ये घटनाएं अब एक पैटर्न जैसी लगने लगी हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिछले महीने लाहौर में एक टीवी स्टेशन के बाहर अज्ञात हमलावर ने ‘लश्कर’ का फाउंडर मेंबर आतंकी आमिर हमजा पर हमला किया। हालांकि 67 साल के हमजा इस हमले में बच गया। इससे पहले,जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई मुहम्मद ताहिर अनवर की भी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
बता दें अनवर ने ‘जैश-ए-मोहम्मद’ में अहम भूमिका निभाई थी और वह आतंकी संगठन के ऑपरेशन्स में एक्टिव रूप से शामिल था। इतना ही नहीं, पिछले साल मार्च में लश्कर का टॉप आतंकी अबू कताल उर्फ कताल सिंधी को झेलम सिंध में गोली मार दी गई थी। वह हाफिज सईद का करीबी माना जाता था और कई हमलों से उसका नाम जुड़ा रहा। कताल पर आरोप है कि वह 2024 में जम्मू-कश्मीर के रियासी हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें नौ लोग मारे गए थे और 33 अन्य घायल हुए थे।
दरअसल, 2023 से ही इस तरह की टारगेट किलिंग्स का सिलसिला शुरू हो गया था। सिर्फ 2026 में ही ‘लश्कर-ए-तैयबा’ और ‘हिजबुल मुजाहिदीन’ से जुड़े करीब 30 आतंकियों को अलग-अलग शहरों में इसी तरह निशाना बनाया जा चुका है।