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ट्रंप के करीबी से नहीं मिले मालदीव के राष्ट्रपति, आखिरी वक्त पर रद्द कर दी बैठक; क्या है भारत से कनेक्शन

US Ambassador Sergio Gor India: राष्ट्रपति मुइज्जू अमेरिका-इजरायल की नीतियों, खासकर ईरान को लेकर रुख के खिलाफ हैं और बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के आलोचक माने जाते हैं।
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Apr 15, 2026
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मोहम्मद मुइज्जू की सर्जियो गोर की बैठक हुई रद्द (Photo-IANS)

Sergio Gor Maldives visit: अमेरिकी राष्ट्रपति के करीबी सर्जियो गोर पिछले महीने 23 मार्च को मालदीव दौरे पर थे। इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ होने वाली थी, लेकिन आखिरी समय में यह रद्द हो गई।

हालांकि गोर ने उसी दिन मालदीव के विदेश और रक्षा मंत्रियों से मुलाकात की थी। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की। सूत्रों के मुताबिक मुइज्जू के कार्यालय ने बाद में बंद कमरे (private) में मुलाकात का प्रस्ताव दिया, जिसे अमेरिकी पक्ष ने ठुकरा दिया। इसके बाद गोर बिना राष्ट्रपति से मिले ही दिल्ली लौट गए।बता दें कि सार्जियो गोर भारत में अमेरिकी राजदूत भी हैं।

क्यों टली मुलाकात?

इस नॉन-मीटिंग को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति मुइज्जू अमेरिका-इजरायल की नीतियों, खासकर ईरान को लेकर रुख के खिलाफ हैं और बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के आलोचक माने जाते हैं।

वहीं बताया जा रहा है कि मुइज्जू पिछले कुछ महीनों से विदेशी नेताओं से दूरी बना रहे हैं, ताकि उन पर मालदीव की राजनीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर दबाव न बने।

आर्थिक संकट भी गहराया

मालदीव इस समय गंभीर आर्थिक दबाव से भी गुजर रहा है। सरकार ने भारत से 400 मिलियन डॉलर के कर्ज को 2–3 साल के लिए आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। इससे पहले मुइज्जू सरकार 100 मिलियन डॉलर के यूरोबॉन्ड और 400 मिलियन डॉलर के इस्लामिक सुकूक बॉन्ड का भुगतान कर चुकी है।

हालांकि भारत की ओर से इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि केंद्र सरकार पहले ही दो बार 6-6 महीने का विस्तार दे चुकी है।

चीन की ओर झुकाव?

इस बीच, मुइज्जू सरकार के फैसले भी सवालों के घेरे में हैं। जहां एक ओर ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भारत को दिया गया है, वहीं दूसरी ओर थिलाफुशी पोर्ट प्रोजेक्ट के पहले चरण का ठेका चाइना हार्बर इंजीनियरिंग कंपनी को दे दिया गया।

यह फैसला भारत के साथ पहले हुई समझ के उलट माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति में नई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

घरेलू राजनीति में झटका

राष्ट्रपति मुइज्जू की राजनीतिक स्थिति भी फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। 4 अप्रैल को हुए स्थानीय निकाय चुनावों में उनकी पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा।

Updated on:
15 Apr 2026 09:44 am
Published on:
15 Apr 2026 09:43 am