US India Energy Deal: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका भारत को उसकी जरूरत के मुताबिक तेल और ऊर्जा संसाधन बेचने के लिए तैयार है। भारत दौरे से पहले रुबियो ने ऊर्जा सहयोग, व्यापार, क्वाड बैठक और ईरान संकट पर भी बड़ा बयान दिया।
Marco Rubio India Visit 2026: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को जितनी जरूरत होगी, उतना तेल और ऊर्जा संसाधन बेचने के लिए तैयार है। रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया ईरान संकट और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के दबाव का सामना कर रही है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत उसके ऊर्जा व्यापार का और बड़ा हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तेल और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत पहले से जारी है।
मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका का मजबूत सहयोगी और भरोसेमंद साझेदार बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा, व्यापार और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ रहा है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को अधिक से अधिक ऊर्जा उपलब्ध कराना चाहता है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी मजबूत हो रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी भारत के साथ संभावनाओं पर बातचीत हो रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति अगले सप्ताह भारत आने वाली हैं, जहां तेल आपूर्ति और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी तेल शोधन संयंत्रों में वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल की आपूर्ति तेजी से बढ़ी है।
मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नई दिल्ली समेत कोलकाता, आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे। भारत यात्रा के दौरान उनकी कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से मुलाकात होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि इस यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग मुख्य मुद्दे रहेंगे। साथ ही ‘क्वाड’ देशों की बैठक में भी उनकी भागीदारी होगी।
दुनियाभर में ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
बढ़ती कीमतों के दबाव के बीच भारत ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी की है। ऐसे में अमेरिका की ओर से अतिरिक्त तेल आपूर्ति की पेशकश को अहम माना जा रहा है।
मार्को रुबियो ने ईरान को लेकर सख्त रुख भी दिखाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के नियंत्रण या दबाव की कोशिश को स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह समुद्री रास्ता वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और वहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।