
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकते हैं। ट्रंप ने इस पर अभी तक फाइनल फैसला नहीं लिया है, लेकिन वह ऐसा करने का विचार कर रहे हैं। इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने एक बड़ी बात कह दी है।
प्रमुख शहरों के गवर्नरों और मेयरों के साथ एक बैठक में बोलते हुए ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने कहा, "परेशानी का हल निकालने के लिए ईरान की प्राथमिकता बातचीत है। अमेरिका से मिल रही युद्ध की धमकियों के आगे ईरान घुटने नहीं टेकेगा। ईरान बातचीत के ज़रिए परेशानी का हल निकालने की कोशिश करेगा।"
पेज़ेशकियान ने बताया कि देश के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ((Mojtaba Khamenei)) ने सरकार को शांति-वार्ता के संबंध में कुछ अधिकार दिए हैं। ईरान का पक्ष हमेशा से साफ रहा है कि वो बातचीत करने से पीछे नहीं हटेगा, लेकिन अमेरिका की धमकियों के आगे सरेंडर नहीं करेगा।
पेज़ेशकियान ने अन्याय के खिलाफ ईरानी जनता के विरोध को मज़बूत करने की ज़रूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "आज हमारे दुश्मनों ने हमारे देश के सामने जो चुनौतियाँ और संकट खड़े किए हैं, हमें उन पर पार पाना होगा और यह काम जनता के समर्थन और सहयोग से करना होगा।"
पेज़ेशकियान ने अमेरिका द्वारा बढ़ा-चढ़कर बताई गई बातों पर तंज कसा। उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान अपने दुश्मनों के झूठ और बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई बातों के खिलाफ मज़बूती से खड़ा रहेगा।
ईरान में कुछ दिन पहले हुई कैबिनेट मीटिंग में बोलते हुए पेज़ेशकियान ने कहा था, "ईरान 'न युद्ध, न शांति' वाली स्थिति से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस संबंध में एक निर्देश जारी किया है और सरकार इसे लागू करने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करेगी।"