Miss World 2025: ओपल सुचाता वर्तमान में इंटरनेशनल रिलेशंस की पढ़ाई कर रही हैं। अपने प्रोफाइल में उन्होंने कहा कि वह मनोविज्ञान और मानवविज्ञान में भी गहरी रुचि रखती हैं और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करना चाहती हैं।
Miss World 2025: थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब जीतकर न केवल अपने देश को गौरवान्वित किया, बल्कि एक मजबूत और उद्देश्यपूर्ण महिला के रूप में दुनिया के सामने अपनी पहचान भी स्थापित की। 31 मई को हैदराबाद के हाईटेक्स कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के 72वें संस्करण में उन्हें विजेता घोषित किया गया।
इस वैश्विक सौंदर्य प्रतियोगिता में इथियोपिया की हैसेट देरेज को पहली रनर-अप और मार्टीनिक की ऑरेली योहाचिम को दूसरी रनर-अप घोषित किया गया। वहीं, भारत की प्रतिनिधि नंदिनी गुप्ता शीर्ष 20 प्रतिभागियों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहीं, लेकिन खिताब की दौड़ से बाहर हो गईं।
ओपल सुचाता ने इस प्रतियोगिता के दौरान और उसके बाद अपने विचारों से दर्शकों और निर्णायकों दोनों को प्रभावित किया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, यह केवल थाईलैंड का प्रतिनिधित्व करने की बात नहीं थी, बल्कि उन असंख्य महिलाओं की आवाज़ बनने की कोशिश थी जिनकी आवाज़ अक्सर अनसुनी रह जाती है। उन्होंने आगे कहा, मिस वर्ल्ड केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक मंच है, एक वादा है। यह दिखने भर की सुंदरता नहीं, बल्कि अपने उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता और सेवा भाव का प्रतीक है।
ओपल वर्तमान में इंटरनेशनल रिलेशंस की पढ़ाई कर रही हैं और उनका सपना है कि एक दिन वह राजदूत बनें। मिस वर्ल्ड की वेबसाइट पर प्रकाशित अपने प्रोफाइल में उन्होंने कहा कि वह मनोविज्ञान और मानवविज्ञान में भी गहरी रुचि रखती हैं और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करना चाहती हैं।
ओपल सुचाता न केवल बौद्धिक रूप से समृद्ध हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति भी संवेदनशील हैं। वह स्वयं ब्रेस्ट ट्यूमर की सर्वाइवर रह चुकी हैं और इसी अनुभव ने उन्हें ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले संगठनों के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही वह महिलाओं, खासकर युवतियों की शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए भी कार्यरत रही हैं।
पशु प्रेमी ओपल के पास 16 बिल्लियां और 5 कुत्ते हैं, जो उनके करुणामय व्यक्तित्व की झलक देते हैं। उन्होंने कई बार यह जताया है कि उनके जीवन के मूल में सेवा, करुणा और उद्देश्य की भावना है।