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Trump की धमकी के बाद होर्मुज में टैंकर पर मिसाइल अटैक, क्या अमेरिका-ईरान युद्ध फिर से भड़क रहा है?

US-Iran Conflict: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के किनारे मंगलवार को अज्ञात मिसाइल ने तेल टैंकर को टक्कर मार कर उसमें आग लगा दी। ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर के जनाजे में जनता के अमेरिकान प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप को मार डालने और ट्रंप के तेहरान का किस्सा खत्म करने की धमकी के बाद यह हमला होना जंग दुबारा शुरू होने का संकेत ​माना जा रहा है।
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Jul 07, 2026
Missile Attack In Hormuz News.
होर्मुज में ओमान के किनारे ​टैंकर पर मिसाइल से हमला । ( फोटो: X/ @AJENews)

Missile Attack On Tanker In Hormuz : ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के बावजूद अज्ञात मिसाइल ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के किनारे एक तेल टैंकर को टक्कर मार कर उसमें आग लगा दी। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने यह हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने कतर के स्वामित्व वाले तेल से लदे एलएनजी वाहक पोत अल रेकाय्यात पर टैंकर पर हुए हमले की सूचना दी है।

ये ट्रांसपोंडर चालू किए बिना यात्रा कर रहा था

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह पोत कतर की सरकारी शिपिंग कंपनी नकीलात के स्वामित्व में था और ऐसा प्रतीत होता है कि यह अपने ट्रांसपोंडर चालू किए बिना यात्रा कर रहा था। यह घटना ईरान द्वारा जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को केवल स्वीकृत मार्गों का उपयोग करने की चेतावनी देने के बाद घटी है।

ईरान ने जहाजों को 'गोलीबारी के लिए तैयार' रहने के लिए कहा

उधर ईरान ने जहाजों को 'गोलीबारी के लिए तैयार' रहने के लिए कहा है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड्स ने वीकएंड में समुद्री रेडियो के माध्यम से जहाजों को चेतावनी दी किहमारी मिसाइलें और ड्रोन आप पर हमला करने के लिए तैयार हैं।

सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में ईरान के जनसमूह द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की आवाजें गूंजने और ट्रंप की तेहरान को खत्म करने की धमकी देने के बाद सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। यह तनाव ही दोनों पक्षों के बीच गुस्से का कारण बना है। दरअसल वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता होने के बावजूद, नए सिरे से तनाव और चेतावनियां सामने आई हैं, जो युद्ध फिर से शुरू होने की संभावना की ओर इशारा कर रही हैं।

ट्रंप ने कहा था, या तो समझौता करेंगे या काम पूरा करेंगे

यह घटना ट्रंप की ओर से ईरान में 'काम पूरा करने' की चेतावनी जारी करने के कुछ घंटों बाद घटी। ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, 'हम किसी न किसी तरह जीतेंगे। हम या तो समझौता करेंगे या काम पूरा करेंगे - और काम पूरा करना मुश्किल नहीं होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद वह समझौता करना पसंद करेंगे।

यूएस प्रेसीडेंट ने कहा था-हम उनके पुलों को एक घंटे में गिरा सकते हैं

हम उनके पुलों को एक घंटे में गिरा सकते हैं। मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं 91 मिलियन लोगों को प्रभावित नहीं करना चाहता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान-अमेरिका समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि उसे 'परमाणु धूल' में मिल जाएंगे और कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे।

क्या होर्मुज हमले के पीछे ईरान का हाथ है ?

हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के लिमाह के पास एक टैंकर पर हुए ताजा हमले के पीछे कौन था, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ईरान पर शक है, जो ओमान के किनारे के करीब एक मार्ग पर जहाजों पर हमले कर उनका पीछा कर रहा है।

ईरान ने कहा था, प्रोटोकॉल का पालन न करने पर हम कार्रवाई करेंगे

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमले से पहले ईरान के बयान में कहा गया था, "होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के नौवहन प्रोटोकॉल का पालन न करने, निर्धारित मार्ग से भटकने या अवहेलना करने पर सशस्त्र बल तत्काल और बलपूर्वक कार्रवाई करेंगे, जिससे उल्लंघन करने वाले जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। "

व्यापारिक जहाजों पर ईरानी मिसाइलों से हमला करने का दावा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले दो व्यापारिक जहाजों पर ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया था, लेकिन उसने उन जहाजों के नाम नहीं बताए।

इन हालात में स्थायी शांति की उम्मीदें धूमिल होती हुई नजर आ रहीं

होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर में आग लगने से वार्ता में नया तनाव पैदा हो गया है, जिससे स्थायी शांति की उम्मीदें धूमिल होती हुई नजर आ रही हैं। यह नया तनाव ऐसे समय सामने आया है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कर रहा है, जिनकी इस साल फरवरी में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में अचानक हत्या कर दी गई थी, इसी के बाद युद्ध शुरू हुआ था।

अभी 60 दिनों का अंतरिम समझौता चल रहा

बहरहाल दोनों देशों की तरफ से ये नई चेतावनियां और तनाव ऐसे समय में सामने आए हैं जब जहाजों को बिना शुल्क लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने वाला 60 दिनों का अंतरिम समझौता चल रहा है। हालांकि, तेहरान का कहना है कि उसे जहाजों के मार्गों को नियंत्रित करना होगा और बाद में आवागमन के लिए शुल्क लगाना होगा।