
ईरान के दिवंगत पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में दुआ करते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर और इनसेट में अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट। । (फोटो : X/@ CMShehbaz/@SenRickScott)
US Senator Rick Scott Warned Pakistan Double Role: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता समझौता करवाने में भूमिका अदा कर हीरो बनने वाला पाकिस्तान अपने दोहरे रवैये के कारण अमेरिका की नजर में विलेन बना हुआ नजर आ रहा है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में शिरकत कर उन्हें श्रद्धांजलि देने और उन्हें महान नेता बताने पर अमेरिका ने सख्त ऐतराज किया है। अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट ने मंगलवार को पाकिस्तान की भूमिका की कड़ी आलोचना की और इस्लामाबाद पर पाखंड का आरोप लगाया, क्योंकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के तेहरान में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए हैं। अमेरिका के इस बयान से पाकिस्तान बैकफुट पर आता हुआ महसूस हो रहा है।
स्कॉट ने X पर एक पोस्ट में, जंग खत्म करवाने के नाम पर मध्यस्थ बने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए लिखा: 'इस सबके बीच हमें यह याद रखना होगा कि पाकिस्तान असल में क्या है। हम एक ऐसे देश की बात कर रहे हैं जहां ओसामा बिन लादेन एक दशक तक छिपा रहा, जहां ईशनिंदा कानूनों को चुनिंदा और एकतरफा तरीके से लागू करके ईसाइयों पर अत्याचार किया जाता है, और जिसके प्रधानमंत्री शरीफ ने हाल ही में उस तानाशाह की तारीफ की है जिसने कभी ईरान पर राज किया था और नरसंहार किया था।'
उन्होंने कहा, 'जिस तरह कतर हमास को पनाह देता है, उसी तरह पाकिस्तान भी इस मामले में 'मध्यस्थता' करने के लिए उतना ही अयोग्य है। इस्लामाबाद को इस बात पर ध्यान देना चाहिए, हम हालात पर कड़ी नजर रख रहे हैं।' स्कॉट का यह कमेंट तब आया है जब शरीफ ने तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि दी।
यूएस सीनेटर ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें शहबाज शरीफ ने खामेनेई को एक महान विद्वान नेता बताया जो लाखों मुसलमानों की प्रेरणा हैं' और कहा कि 'पाकिस्तान और ईरान हर हाल में मिलकर आगे बढ़ेंगे।'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे भी लगाए गए, जिसमें कई शोक संतप्त लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की मांग की। कुछ लोगों ने बदला लेने की मांग वाले पोस्टर पकड़े हुए थे, जबकि अन्य ने ट्रंप के पुतले प्रदर्शित किए।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान की राजधानी तेहराज में भारी भीड़ जमा हुई; काले कपड़े पहने शोक मनाने वाले लोग जनाजे के दौरान सड़कों पर कतार में खड़े हुए दिखे। खामेनेई का पार्थिव शरीर ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ था और और युद्ध की शुरुआत में हवाई हमले में मारे गए उनके परिवार के सदस्यों के शव जुलूसनुमा जनाजे के रूप में तेहरान से ले जाए गए। अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय एकता के प्रदर्शन के तौर पर पेश किया।
खामेनेई का अंतिम संस्कार ऐसे समय में हो रहा है, जब संघर्ष के स्थायी अंत को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता ठप पड़ी हुई है। उम्मीद है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद ही वार्ता फिर से शुरू होगी, क्योंकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
Updated on:
07 Jul 2026 12:44 pm
Published on:
07 Jul 2026 12:43 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
