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खामेनेई ने सेना को दी खुली छूट, किसी भी खतरे का तुरंत और कहीं भी जवाब देने का दिया आदेश

Mojtaba Khamenei: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने सैन्य कमांडरों के साथ बैठक में किसी भी संभावित खतरे का बिना किसी भौगोलिक सीमा की चिंता किए तुरंत और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है।
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Updated: 31 Oct 2026, 5:53 PM IST
Mojtaba Khamenei
मोजतबा खामेनेई (File Photo)

US Iran War: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने सेना को किसी भी खतरे का बिना किसी क्षेत्रीय सीमा की चिंता किए तुरंत जवाब देने का आदेश दिया है। उन्होने सेना के वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया है कि वे दुश्मन के किसी भी संभावित खतरे का असरदार जवाब दें। यह जानकारी आईआरएनए (IRNA) समाचार एजेंसी के जरिए सामने आई है।

'फिर से शुरू हुए युद्ध का अंत ईरान तय करेगा'

खामेनेई का यह बयान देश के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ हुई एक बैठक के बाद आया है। बैठक में खामेनेई ने दुश्मनों से मजबूती से निपटने के लिए समझदारी भरी युद्ध तैयारियों बढ़ाने पर विशेेष बल दिया। खामेनेई ने कहा कि अगर दुश्मनों ने एक बार फिर सैन्य या आतंकवादी हमले किए, तो फिर इस्लामिक रिपब्लिक के सशस्त्र बल और ईरानी राष्ट्र तय करेगा कि युद्ध का अंत कब और किन परिस्थितियों में होगा।

ईरान के गोला-बारूद में हुई बढ़ोतरी

बैठक के बाद उनके कार्यालय ने यह भी बताया कि कमांडरों ने गोला-बारूद, निगरानी उपकरणों, सहायक हथियारों और युद्धक हथियारों के उत्पादन में कई गुना वृद्धि की है। हालांकि बयान में कोई आंकड़ा नहीं दिया गया और न ही किसी विशेष हथियार का नाम बताया गया है।

सशस्त्र बलों को अलर्ट रहने का निर्देश

इसमें सबसे अहम आदेश हमले वाली साइट को तय करने से जुड़ा है। खामेनेई ने सशस्त्र बलों से टारगेट अपडेट करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सभी संपत्तियां उनकी पहुंच के दायरे में होनी चाहिए। इसके साथ ही खामेनेई ने रेजिस्टेंस फ्रंट की भी तारिफ की।

यह बयान इस समय क्यों आया?

तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 4 नवंबर तक हमले की योजना बना रहे हैं। हालांकि, शुक्रवार को ट्रम्प ने कहा था कि उनके पास समय है और यह कोई आम युद्ध नहीं है।

वहीं, IRGC के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि उनका जवाबी प्लान पूरी तरह तैयार है। इससे पहले ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों को भी निशाना बनाएगा।

बातचीत के कई दौर जारी

युद्ध के साथ-साथ दोनों देश बातचीत के लिए भी तैयार हैं। एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, कतरी मध्यस्थों ने शुक्रवार को तेहरान में 12 घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। शनिवार को दोहा में यह बातचीत जारी रही। दोनों देशों में टकराव इस बात पर है कि नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, रोके गए फंड को जारी करने और तेल की बिक्री की अनुमति देने के बदले में ईरान परमाणु मामलों में क्या रियायतें देगा।

Updated on:
31 Oct 2026, 5:53 PM IST
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