31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ईरान-समर्थित हूतियों के पीछे रूस का ‘स्पेस कनेक्शन’? सऊदी के सैन्य और ऊर्जा ढांचे पर निशाना

Houthi Rebels: क्या रूसी उपग्रह हूती विद्रोहियों को सऊदी अरब पर हमले में मदद कर रहे हैं? ईरान-समर्थित हूतियों के मिसाइल-ड्रोन हमले, यमन संघर्ष और ऊर्जा बाजार पर असर की पूरी खबर पढ़ें।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anand Prakash Yadav

•

Updated: 31 Oct 2026, 3:11 PM IST

Russia Satellite Data

सऊदी तेल ठिकानों पर मंडराया हू​ती हमलों का खतरा, Photo- ChatGpt

Middle East Crisis: मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया विश्लेषण के अनुसार, यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब और क्षेत्र में अन्य सामरिक ठिकानों पर सटीक मिसाइल व ड्रोन हमले करने के लिए रूसी उपग्रहों (satellites) से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सरकारी हथियारों के जखीरे पर कब्जा, बाहरी समर्थन और व्यापक सैन्य विकास ने हूती विद्रोहियों को एक शक्तिशाली हथियार भंडार बनाने में सक्षम बनाया है। एक जांच से पता चला है कि रूसी उपग्रह, ईरान-समर्थित हूतियों को सऊदी अरब के सैन्य और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने में मदद कर रहे हैं। इससे ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल और बढ़ गई है।

सऊदी अरब समर्थित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार और हूतियों के बीच संघर्ष जुलाई से चल रहा है। सितंबर में यह संघर्ष तब और तेज हो गया, जब विद्रोही समूह ने यमन के लाल सागर तट पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया।

खबर अपडेट की जा रही है…