
यूक्रेन ने अमेरिका से मांगी हर महीने 100 पैट्रियट मिसाइलें (फोटो सोर्स-@BabakTaghvaee1)
Russia Ukraine War: रूस के लगातार मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन के सामने सर्दियों में अपनी ऊर्जा व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका से हर महीने 100 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें देने की मांग की है। यूक्रेन को आशंका है कि कड़ाके की ठंड के दौरान रूस बिजलीघरों, पानी की आपूर्ति और हीटिंग सिस्टम को निशाना बना सकता है। हालांकि, अमेरिका और यूरोपीय देश खुद भी मिसाइलों की कमी से जूझ रहे हैं।
यूक्रेन के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती रूस की तेज रफ्तार बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना है। हालांकि देश के पास ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से निपटने के लिए अन्य रक्षा प्रणाली मौजूद हैं, लेकिन बैलिस्टिक हमलों को नाकाम करने के लिए पैट्रियट सिस्टम सबसे प्रभावी विकल्पों में से एक है। अक्टूबर के पहले दो हफ्तों में ही रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर 30 से अधिक हमले किए हैं। तापमान शून्य से नीचे जाते ही बिजली, पानी, हीटिंग और परिवहन नेटवर्क का ठप होना न केवल सैन्य अभियानों को प्रभावित करेगा, बल्कि आम जनजीवन के लिए भी असहनीय साबित होगा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने 500 पैट्रियट इंटरसेप्टर से जुड़े 2.1 अरब डॉलर के प्रस्तावित समझौते का स्वागत जरूर किया है, लेकिन साथ ही चिंता जताई है कि इनकी नियमित आपूर्ति शुरू होने में कई साल लग सकते हैं। जेलेंस्की का कहना है कि सुरक्षा भविष्य में नहीं, बल्कि उसी समय मिलनी चाहिए जब खतरा सामने हो। कीव ने अपने अमेरिकी और पश्चिमी सहयोगियों से अपील की है कि वे सर्दियों के दौरान अपने मौजूदा सैन्य भंडार से हर महीने 100 पैट्रियट इंटरसेप्टर तुरंत उपलब्ध कराएं। इसके बाद आने वाले वर्षों में नए उत्पादन के जरिए इन भंडारों की भरपाई की जा सकती है।
यूक्रेन की लगातार बढ़ती मांग के कारण जर्मनी, नीदरलैंड, पोलैंड और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जर्मनी पहले ही अपने भंडार से तीन पैट्रियट सिस्टम यूक्रेन को दे चुका है और दो अन्य व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है। हालांकि, यूरोपीय रक्षा अधिकारियों का मानना है कि वे अपनी सुरक्षा और नाटो की प्रतिबद्धताओं की सीमा तक पहुंच चुके हैं। पोलैंड जैसे देशों द्वारा यूक्रेन को मिसाइलें देने पर वहां की स्थानीय राजनीति में विरोध भी शुरू हो गया है। इसके अलावा, मध्य पूर्व के संघर्षों और अमेरिकी हथियारों के अपने घरेलू भंडार को भरने की प्राथमिकताओं के कारण भी पैट्रियट मिसाइलों की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है।
Updated on:
31 Oct 2026, 1:51 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 1:38 PM IST
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