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मोजतबा खामेनेई ने दी अमेरिका को चेतावनी – ‘अगर ईरान के खिलाफ आक्रामकता दोहराई गई, तो दिया जाएगा पहले से भी घातक जवाब’

Iran-US Conflict: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी दे दी है। क्या कहा मोजतबा ने? आइए नज़र डालते हैं।
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Updated: 4 Nov 2026, 5:43 PM IST
Mojtaba Khamenei
मोजतबा खामेनेई (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर से हमले शुरू करने का प्लान बना रहे थे, लेकिन चुनाव से कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने ईरान पर हमले कर दिए। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास स्थित केशम आइलैंड (Qeshm Island) पर हमले किए। हालांकि मिडटर्म चुनाव के नतीजे ऐसे आए, जिससे ट्रंप बिल्कुल खुश नहीं हैं। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की हार हुई है। डेमोक्रेटिक पार्टी को शानदार जीत हासिल हुई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेन्टेटिव और सीनेट दोनों में ही डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत हासिल हो गया है। कुछ सीटों पर अभी भी गिनती पूरी नहीं हुई है, लेकिन तस्वीर साफ हो गई है। ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की हार में ईरान युद्ध (Iran War) को अहम वजह बताया। इसी बीच अब ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।

ईरान के प्रति अमेरिका का रवैया नहीं बदलेगा

मोजतबा ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया जाहिर की है। मोजतबा ने कहा, "अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजे से ईरान के प्रति अमेरिका का दुश्मनी वाला रवैये नहीं बदलेगा। अगर अभी भी कुछ लोग ऐसी उम्मीद पाले हुए हैं कि पार्टियों या गुटों में बदलाव से इस वर्चस्ववादी व्यवस्था का रवैया बदल सकता है या उन्हें लगता है कि अमेरिका को कुछ रियायतें देने से वो ईरानी लोगों के प्रति अपनी दुश्मनी छोड़ देगा, तो वो बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं।"

अमेरिका को दी चेतावनी

मोजतबा ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर ईरान के प्रति पहले जैसी आक्रामकता फिर से दोहराई गई, तो ईरान की तरफ से पहले से भी घातक जवाब दिया जाएगा, जिसका दायरा कहीं ज़्यादा व्यापक होगा।"

अमेरिका के दबदबे में आई गिरावट

मोजतबा ने आगे कहा, "पूर्ण प्रतिरोध हासिल करने का एकमात्र तरीका देश को सभी क्षेत्रों में मज़बूत बनाना है। ईरान को लगातार और ज़्यादा शक्तिशाली बनाने की रणनीति पर काम जारी रखना ज़रूरी है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका का दबदबा चाहे वो सैन्य ताकत हो या अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव, एक ऐसे दौर से गुज़र रहा है जिसमें गिरावट देखने को मिली है और इसे पलटा नहीं जा सकता। अमेरिका के अपने ही कदमों ने उसकी ताकत के कमजोर होने की प्रक्रिया को और तेज़ कर दिया है।"