
Nepal foreign minister Shishir Khanal: नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 700 पार पहुंच गया है। राहत व बचाव कार्य जारी है। अब तक 4,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 200 से ज्यादा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, 2 हजार से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल को दुनिया भर से मदद भी मिल रही है। भारत ने अब तक 70 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई है। विशेषज्ञों की टीम को भी रवाना किया गया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इसके लिए भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया है।
शिशिर खनाल ने बताया कि जैसे ही आपदा की सूचना मिली, प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने तत्काल राष्ट्रीय आपदा परिषद की आपात बैठक बुलाई, जिसके बाद मंत्रिमंडल की भी बैठक हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी सरकारी एजेंसियों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता बचाव अभियान है और हम यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हर व्यक्ति सुरक्षित रहे।
विदेश मंत्री ने बताया कि आपदा के पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर भारत सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था। उन्होंने खुद भी अपने भारतीय समकक्ष विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से बातचीत कर नेपाल की जरूरतों की जानकारी साझा की।
खनाल ने कहा कि भारत सरकार ने राहत सामग्री से भरे कई विमान पहले ही नेपाल भेज दिए हैं। बचाव कार्यों में सहयोग के लिए विशेषज्ञों की टीम भी रवाना की है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार का व्यक्तिगत रूप से, नेपाल सरकार की ओर से और नेपाल की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कई देशों के अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया है कि नेपाल सरकार विदेशी नागरिकों के बचाव को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रही है, जितनी अपने नागरिकों को। उन्होंने कहा कि नेपाली और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता में कोई फर्क नहीं है। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति, खासतौर पर विदेशी नागरिक, मदद के लिए संपर्क कर सकता है।