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हूतियों के खिलाफ यमन सेना की बड़ी कार्रवाई: 1298 ऑपरेशंस में 440 लड़ाके ढेर, 132 बख्तरबंद गाड़ियां तबाह

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से जुड़ी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन में 440 लड़ाकों को निष्क्रिय करने का दावा किया है। सेना के मुताबिक, अब तक 1,298 सैन्य ऑपरेशन में 132 वाहनों और भारी हथियारों को भी नष्ट या निष्क्रिय किया गया है।
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Updated: 6 Nov 2026, 7:15 AM IST
Yemen soldiers
यमन के सैनिक (File Photo)

Operation Dawn of Yemen: यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को तेज करते हुए भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नजीली ने बताया कि सेना ने 1,298 सटीक हमले किए हैं, जिनमें हूती ठिकानों, उनके सैनिकों के जमावड़े, काफिलों और भारी हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन लगातार हुए हमलों में लगभग 440 हूती लड़ाके और फील्ड कमांडर ढेर हो गए। साथ ही, बख्तरबंद वाहनों सहित 132 सैन्य वाहनों और भारी हथियारों के ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।

कर्नल अल-नजीली के अनुसार, यह संयुक्त अभियान थल सेना, वायु सेना के लड़ाकू विमानों, निगरानी और हमलावर ड्रोन और तोपखाने के बीच सटीक तालमेल के साथ चलाया गया। उन्होंने बताया कि ताइज प्रांत में सरकारी सैनिकों ने पॉपुलर रेजिस्टेंस के साथ मिलकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सनमात्स क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इसके अलावा, सेना ने कई मोर्चों पर हूती विद्रोहियों की घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया और उनकी अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को भी रास्ते में तबाह कर दिया।

अल-जौफ में बारूदी सुरंगों को किया जा रहा निष्क्रिय

सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल अल-नाजिली ने बताया कि अल-जौफ के मोर्चे पर सैन्य इंजीनियरिंग यूनिट्स लगातार सक्रिय हैं। सेना द्वारा हूतियों से दोबारा छीने गए इलाकों में विद्रोहियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों और उनके द्वारा छोड़े गए खतरनाक जाल (बूबी ट्रैप) को निष्क्रिय किया जा रहा है, ताकि इन क्षेत्रों को सुरक्षित बनाया जा सके और आम नागरिकों की जान बचाई जा सके।

वहीं, देश के दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी मोर्चों पर सरकारी सैनिकों ने हूती लड़ाकों के नए हमलों को विफल करते हुए उनकी फायरिंग पोजीशन्स को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रवक्ता ने दोहराया कि सेना अपना अभियान चलाते समय आम नागरिकों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए कड़े एहतियाती कदम उठा रही है।

5 अक्टूबर को शुरू हुआ था ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन

गौरतलब है कि यमन सरकार ने 5 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन शुरू किया था। इसका उद्देश्य राजधानी सना और अन्य रणनीतिक इलाकों को वापस अपने नियंत्रण में लेना है, जो फिलहाल हूती विद्रोहियों के कब्जे में हैं। इस अभियान को शुरू हुए लगभग एक महीना होने के बाद भी हूती विद्रोही पहाड़ी इलाकों और अपनी मजबूत किलेबंदी के दम पर टिके रहने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं यमनी सेना अपने हवाई और तकनीकी सहयोग के दम पर हूतियों की रसद और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में जुटी है।

Updated on:
6 Nov 2026, 7:15 AM IST
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