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सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए हूती विद्रोहियों ने रख दी 2 बड़ी शर्तें – चाहिए 4.8 लाख करोड़ और यमन के शासकों के रूप में आधिकारिक मान्यता

Houthis-Saudi Arabia Conflict: सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए हूती विद्रोहियों ने 2 बड़ी शर्तें रख दी हैं। क्या हैं ये शर्तें? आइए नज़र डालते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 5 Nov 2026, 4:43 PM IST

Abdul-Malik Badr al-Din al-Houthi

अब्दुल-मलिक बद्र अल-दीन अल-हूती (File Photo)

यमन (Yemen) में हूती विद्रोहियों (Houthis) और देश की सरकारी सेना के बीच जंग जारी है। इस बीच हूतियों और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच भी हमलों का सिलसिला जारी है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। सऊदी अरब को अब तक हूतियों के हमलों की वजह से काफी नुकसान हो चुका है। पाकिस्तान (Pakistan) और तुर्की (Turkey) के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौता (Mecca Joint Defence Agreement / Mecca Pact) होने के बावजूद भी सऊदी अरब को फायदा नहीं हो रहा है और लगातार हूती विद्रोहियों के हमले लगातार झेलने पड़ रहे हैं, जिससे न सिर्फ तनाव बढ़ गया है बल्कि सऊदी अरब की चिंता भी बढ़ गई है। इसी बीच हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए 2 बड़ी शर्तें रख दी हैं।

क्या हैं हूतियों की शर्तें?

सऊदी अरब के खिलाफ हमले रोकने के लिए हूतियों ने 2 बड़ी शर्तें रखी हैं। पहली शर्त है कि सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों को 51 बिलियन डॉलर (करीब 4.8 लाख करोड़ रूपए) देने होंगे। दूसरी शर्त यह है कि सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों को यमन के शासकों रूप में आधिकारिक मान्यता देनी होगी।

सऊदी अरब ने किया हूती विद्रोहियों से संपर्क?

बताया जा रहा है कि सऊदी अरब ने अपने खिलाफ बढ़ते हमलों की वजह से हूती विद्रोहियों से संपर्क किया है और जंग को खत्म करने की शर्तों पर चर्चा की है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हूती विद्रोही पुनर्निर्माण की लागत को पूरा करने और सऊदी अरब के नेतृत्व में कई सालों तक चले हवाई हमलों तथा लंबे समय तक लगाईं गए नाकेबंदी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर्जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा हूती विद्रोही यह भी चाहते हैं कि सऊदी अरब आधिकारिक तौर पर यमन की वैध शासक सत्ता के रूप में उन्हें मान्यता दे। इस मांग को मानने का मतलब यह होगा कि सऊदी अरब को यमन की उस सरकार से अपना समर्थन वापस लेना होगा जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

सऊदी क्राउन प्रिंस नहीं हैं शर्तों को मानने के पक्ष में?

बताया जा रहा है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (Mohammed bin Salman Al Saud) हूतियों की शर्तों को मानने के पक्ष में नहीं हैं।