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डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी, बोले- जरूरत पड़ी तो देश का बाकी हिस्सा भी तबाह कर दूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना नए ऑपरेशन के लिए तैयार है और जल्द फैसला लिया जाएगा।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 6 Nov 2026, 6:36 AM IST

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप (File Photo)

Donald Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अधिक आक्रामक रुख अपना सकते हैं। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना के लिए हथियारों का उत्पादन इस समय अपने उच्चतम स्तर पर है। उन्होंने कहा, "हम अपनी सेना के लिए पहले से कहीं अधिक हथियार बना रहे हैं। अगर हमें ईरान के खिलाफ काम पूरा करना पड़े, तो हम पूरी तरह से लॉक्ड एंड लोडेड हैं।" ट्रंप ने संकेत दिया कि वो जल्द ही ते करेंगे की सैन्य कार्रवाई तेज की जाए की नहीं।

पूरे देश को तबाह नहीं करना चाहता, लेकिन शायद करना पड़े - ट्रंप

ट्रंप ने बताया कि उनका प्रशासन इस बात की समीक्षा कर रहा है कि ईरान के परमाणु ढांचे को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए और हमले करने की जरूरत है या नहीं। उन्होंने कहा, "मैं देश के बाकी बचे हिस्सों को तबाह करने से बचना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा।"

जब पत्रकारों ने कतर के जरिए ईरान द्वारा अमेरिका को भेजे गए एक नए परमाणु प्रस्ताव के बारे में पूछा, तो ट्रंप ने इस बात को खारिज कर दिया कि तेहरान कोई स्वतंत्र फैसला ले सकता है। उन्होंने कहा, "वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ भी नहीं कर रहे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, वे किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएंगे।"

कतर के जरिए ईरान का प्रस्ताव

गौरतलब है कि समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने हाल ही में अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने का एक प्रस्ताव कतर के माध्यम से अमेरिका को भेजा है। यह प्रस्ताव किसी व्यापक शांति समझौते से अलग है और इस पर आगे बढ़ना तेहरान द्वारा रखी गई सात अन्य शर्तों को स्वीकार किए जाने पर निर्भर करता है।

रूस-यूक्रेन युद्ध से की तुलना

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव की तुलना रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से की। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह-सात महीनों में ईरान के साथ हुए टकराव में किसी की जान नहीं गई है, जबकि यूक्रेन में हर महीने लगभग 25,000 लोग मारे जा रहे हैं। ट्रंप ने तर्क दिया कि ईरान के साथ बनी स्थिति को पारंपरिक युद्ध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ईरान युद्ध पर घिरे ट्रंप

3 नवंबर को हुए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया। जिस पर उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि ईरान के साथ टकराव, ईंधन की बढ़ती कीमतें और घरेलू खर्च में बढ़ोतरी, ये कुछ ऐसे कारण रहे जिनकी वजह से रिपब्लिकन पार्टी का चुनावी प्रदर्शन खराब रहा।

ट्रंप ने माना कि ईरान के साथ टकराव की वजह से पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अगर ऐसी स्थिति दोबारा आती है, तो वह फिर से वही फैसला लेंगे। ट्रंप के अनुसार, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना बेहद महत्वपूर्ण है।