
पाकिस्तान (Pakistan) में सेना आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ पूरी तरह से एक्टिव है। देश में आतंकवाद की वजह से बिगड़ती स्थिति को काबू में लाने के लिए सेना समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है। पाकिस्तानी सरकार ने भी साफ कर दिया है कि देश से आतंकवाद को खत्म करना बेहद ज़रूरी है। एक बार फिर पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन चलाते हुए बलूचिस्तान (Balochistan) प्रांत में 17 आतंकियों का एनकाउंटर कर दिया।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (Inter-Services Public Relations - ISPR) ने मंगलवार को जानकारी दी कि सेना ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद मस्तुंग, नुश्की, केच और खुजदार जिलों में आतंकियों के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। सेना की इस कार्रवाई से बलूचिस्तान में आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पाकिस्तानी सेना की इस कार्रवाई के दौरान कई आतंकी घायल भी हो गए। हालांकि वो किसी तरह भाग निकलने में कामयाब हुए, लेकिन सेना ने उनकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस ने जानकारी दी कि पाकिस्तानी सेना ने मारे गए आतंकियों और उनके ठिकानों से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए। साथ ही यह जानकारी भी दी कि ये आतंकी बलूचिस्तान में कई आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।
पाकिस्तान में आतंकवाद की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं। लंबे समय से पाकिस्तान को आतंकियों के लिए एक सुरक्षित जगह माना जाता रहा है। दुनियाभर के आतंकियों को पाकिस्तान में शरण दी गई है। आतंकवाद को फलने-फूलने में पाकिस्तान की तरफ से पूरी मदद की गई है। हालांकि अब पाकिस्तान खुद भी आतंकवाद के जाल में फंस चुका है। आए दिन देश में कहीं न कहीं आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि सेना और पुलिस भी इन आतंकियों से सुरक्षित नहीं है। खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान में आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत है, जिसकी बॉर्डर अफगानिस्तान (Afghanistan) से लगती है, लेकिन देश के दूसरे प्रांत भी आतंकवाद से सुरक्षित नहीं हैं। हर साल पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग आतंकी हमलों में मारे जाते हैं। इसी वजह से पाकिस्तानी सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह से एक्टिव है और आतंकियों को मारने के लिए समय-समय पर सैन्य अभियान चलाती हैं।