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POK में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन पर पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, 20 लोगों की मौत की आशंका, 200 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलाकोट और आसपास के इलाकों में महंगाई, बिजली की बढ़ती दरों और गेहूं सब्सिडी में कटौती के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है। करीब 20 लोगों की मौत की आशंका और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
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Updated: 7 Nov 2026, 8:20 AM IST
pok protest
POK में प्रदर्शन (सांकेतिक तस्वीर/ ANI)

PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट और आसपास के इलाकों में महंगाई के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने धरना दे रहे निहत्थे नागरिकों पर सीधे गोलियां चलाईं, जिसमें लगभग 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है। कई लोग लापता बताए जा रहे हैं और करीब 200 लोग घायल हुए हैं।

बिजली की दरों और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

प्रदर्शनकारी बिजली की बढ़ती दरों, गेहूं पर सब्सिडी में कटौती, भारी टैक्स और स्थानीय नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा का विरोध कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह आंदोलन कई महीनों से चल रहा है। अनुमान है कि इस इलाके में जारी अशांति के दौरान मरने वालों की कुल संख्या 200 से अधिक हो सकती है।

रॉकेट और ड्रोन से हमलों के आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कड़े कर्फ्यू की आड़ में सुरक्षा बलों ने धरना स्थल को खाली कराने के लिए कार्रवाई की और कई जगहों पर लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। यह भी आरोप है कि सुरक्षा बलों ने रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड और ड्रोन का इस्तेमाल किया।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेता सरदार उमर नजीर ने दावा किया कि ड्रोन हमले के बाद रिहायशी इलाकों से विस्फोटकों के टुकड़े मिले हैं। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर प्रदर्शनकारियों को कई दिशाओं से निशाना बनाने का आरोप लगाया।

रावलकोट में हजारों लोगों का प्रदर्शन

शुक्रवार देर रात रावलकोट के उमर फारूक चौक से सामने आए वीडियो में हजारों लोगों को विरोध स्थल पर इकट्ठा देखा जा सकता है। प्रदर्शनकारी सेना और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंदोलन मुजफ्फराबाद तक फैल गया है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

38 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण पाकिस्तानी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की 38 सूत्रीय मांगों को पूरा करने में विफलता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगें पूरी करने में नाकाम रही और इसके बजाय सुरक्षा बलों ने कठोर कदम उठाए। इस कार्रवाई ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।

लापता लोगों और सामूहिक हिरासत का भी विरोध

इलाके में कई लोगों के लापता होने की खबरों के बीच स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में सुरक्षा नाकेबंदी के कारण आम जनजीवन प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में दुकानें बंद हैं और लोगों की आवाजाही बाधित होने की खबर है।

Updated on:
7 Nov 2026, 8:20 AM IST
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