पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सेना को एक बार फिर कामयाबी मिली है। पाकिस्तानी सेना ने 22 आतंकियों को मार गिराया है।
पाकिस्तान (Pakistan) और आतंकवाद (Terrorism) का संबंध काफी पुराना है। आतंकवाद को फलने-फूलने में पाकिस्तान ने हमेशा ही मदद की है। दुनियाभर के आतंकियों को पाकिस्तान में शरण दी जाती है। हालांकि आतंकवाद के लिए स्वर्ग माने जाने वाला पाकिस्तान अब खुद भी आतंकवाद की मार झेल रहा है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियाँ काफी ज़्यादा बढ़ गई हैं। आए दिन ही पाकिस्तान में आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। ऐसे में आतंकवाद को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और हाल ही में एक बार फिर पाकिस्तानी सेना को इसमें कामयाबी मिली है।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस ने आज जानकारी दी कि उनकी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) के खैबर जिले में हाल ही में आतंकियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया। आतंकियों की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसी ने पाकिस्तानी सेना को जानकारी दी। इसके बाद आतंकियों के ठिकाने पर पहुंचकर सेना ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले के लिए आतंकी तैयार नहीं थे। सेना ने आतंकियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिसके जवाब में आतंकियों ने भी गोलीबारी की। सेना के इस एनकाउंटर में 22 आतंकी मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर इस सैन्य अभियान को अंजाम दिया।
आतंकियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई में एक 10 साल का बच्चा भी मारा गया। सेना के अचानक हमले से आतंकी चौंक गए और ऐसे में उन्होंने भी अंधाधुंध जवाबी गोलीबारी की, जिसकी वजह से बच्चे की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि जिन आतंकियों का पाकिस्तानी सेना ने एनकाउंटर किया, वो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के थे। गौरतलब है कि पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित है। दरअसल खैबर पख्तूनख्वा की बॉर्डर अफगानिस्तान से लगती है और इस प्रांत में टीटीपी के कई आतंकी ठिकाने हैं। आए दिन ही खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं और ऐसे में पाकिस्तानी सेना और पुलिस भी समय-समय पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करती रहती है।