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पाकिस्तान का दावा, ईरान ने की अपील – ‘अमेरिका से मध्यस्थता के प्रयास जारी रखें’

Iran-US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता को लेकर चल रही प्रक्रिया के बारे में पाकिस्तान ने एक दावा किया है। क्या है पाकिस्तान का दावा? आइए नज़र डालते हैं।

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Jun 02, 2026
Asim Munir and Abbas Araghchi
आसिम मुनीर और अब्बास अराघची (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच डील अभी तक फाइनल नहीं हुई है। लेबनान (Lebanon) पर हमलों की वजह से ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और हिज़बुल्लाह के प्रतिनिधियों से मध्यस्थों के माध्यम से हुई बातचीत के बाद अब दोनों पक्षों के बीच हमले रोकने पर सहमति बन गई है। इसी बीच पाकिस्तान (Pakistan) ने दावा किया है कि ईरान ने पाकिस्तान से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही मध्यस्थता की प्रक्रिया को जारी रखने की अपील की है।

ईरान और पाकिस्तान के बीच बना हुआ है लगातार संपर्क

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में ठहराव देखा जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान इसे आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका पूरी तरह से निभा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार ईरानी पक्ष ने पाकिस्तान से अपील की है कि दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत और प्रस्तावों के आदान-प्रदान को बिना जारी रखा जाए। इस सिलसिले में ईरान और पाकिस्तान के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif), उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) और आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asimr Munir) तीनों ही ईरान से सीधे संपर्क में हैं। वहीँ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघाची (Abbas Araghchi) भी सक्रिय रूप से पाकिस्तान के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं।

डार और अराघची में फिर हुई बातचीत

डार और अराघची के बीच हाल ही में क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हित के घटनाक्रमों पर फिर बातचीत हुई। अराघची ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिनमें इज़रायल द्वारा लेबनान में सीज़फायर का उल्लंघन और बेरूत के कुछ हिस्सों में संभावित हमले के संबंध में इज़रायली सरकार के आदेश शामिल हैं। अराघची ने क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की और पाकिस्तान से अनुरोध किया कि वो मौजूदा स्थिति में तनाव कम करने और सीज़फायर बनाए रखने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखे। डार ने पाकिस्तान की तरफ से गहरी चिंता व्यक्त की और मौजूदा समझौतों के टूटने से बचाने के लिए सीज़फायर को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने मज़बूत संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।

मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान निभा रहा है अहम भूमिका

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी इसके लिए पाकिस्तान की तारीफ कर चुके हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान के दोनों देशों से अच्छे संबंध हैं। पाकिस्तान और ईरान न सिर्फ बॉर्डर शेयर करते हैं, बल्कि दोनों ही इस्लामिक देश भी हैं। ऐसे में दोनों के बीच मज़बूत सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध हैं। इसके साथ ही व्यापारिक तौर पर भी ईरान और पाकिस्तान के अच्छे संबंध हैं और तेल-गैस समेत कई चीज़ों के लिए पाकिस्तान बड़े लेवल पर ईरान पर निर्भर है। वहीं भारत के साथ युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान की तरफ से ट्रंप को क्रेडिट देने और ट्रंप के परिवार के क्रिप्टोकरेंसी बिज़नेस के पाकिस्तान में होने से दोनों देशों के संबंधों में भी मज़बूती आई है।