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ईरान जंग के बीच पाकिस्तान बना कूटनीतिक केंद्र, तेहरान में सेना प्रमुख की बैठक, रेड सी बंद करने की धमकी

Iran Threats to Block Red Sea and Gulf of Oman: ईरान जंग के बीच पाकिस्तान कूटनीतिक केंद्र बनता नजर आ रहा है। तेहरान में बैठक के साथ US-ईरान वार्ता की संभावना बढ़ी है, वहीं ईरान ने रेड सी समेत समुद्री रास्ते बंद करने की चेतावनी दी है।

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Apr 16, 2026
Iran Threats to Block Red Sea and Gulf of Oman (AI Image)

Pakistan Iran Talks US Iran Negotiations Red Sea Threat: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर जहां नई हलचल दिख रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने समुद्री व्यापार को लेकर बड़ी चेतावनी भी दी है।

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तेहरान में पाकिस्तान सेना प्रमुख की अहम बैठक

पाकिस्तान के सेना प्रमुख के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की है। इस बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की बातचीत की संभावनाओं पर चर्चा हुई। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने भी पाकिस्तान के सेना प्रमुख से मुलाकात की, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

पाकिस्तान में फिर हो सकती है अमेरिका-ईरान वार्ता

व्हाइट हाउस की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रखने को लेकर आशावाद हैं और अगला दौर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकता है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता पाकिस्तान में हो चुकी है, जिसने इस देश को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया है।

ईरान की बड़ी चेतावनी, समुद्री रास्ते बंद करने की धमकी

इस बीच ईरान की सेना ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी, तो वह रेड सी (लाल सागर), खाड़ी और ओमान सागर में व्यापारिक गतिविधियों को रोक सकता है। यह बयान वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है, क्योंकि ये समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में शामिल हैं।

अमेरिकी सीनेट ने रोका युद्ध रोकने का प्रस्ताव

अमेरिका में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं। अमेरिकी सीनेट ने डेमोक्रेटिक पार्टी के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ युद्ध को रोकने की मांग की गई थी। इस फैसले से साफ है कि अमेरिका के भीतर भी इस संघर्ष को लेकर एकमत नहीं है।

इजरायल-लेबनान सीमा पर बढ़ा तनाव

इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजरायल और लेबनान के बीच भी तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के हमलों में लेबनान के दक्षिणी इलाके में चार पैरामेडिक्स की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। इस घटना से एक बात तो साफ हो गई है कि यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैलता जा रहा है।

क्या आगे बढ़ेगी शांति या गहराएगा संकट?

एक तरफ जहां पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत की उम्मीदें जगी हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान की धमकियां और क्षेत्रीय हमले हालात को और जटिल बना रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति इस संकट को संभाल पाएगी या फिर मध्य पूर्व एक बड़े टकराव की ओर बढ़ रहा है।

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