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Pakistan ने श्री कटास राज मंदिर के दर्शन के लिए 154 भारतीय तीर्थयात्रियों को जारी किया वीजा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। EAM ने कहा, ‘आज मैं विचारों के आदान-प्रदान से बहुत खुश हूं। भारत और चीन G20, SCO और BRICS के सदस्य हैं।’

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Feb 21, 2025
India Pakistan

Pakistan Issues Visas to 154 Indian Pilgrims: भारत में पाकिस्तान उच्चायोग ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तान के चकवाल जिले में प्रतिष्ठित श्री कटास राज मंदिर के दर्शन के लिए 154 भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा जारी किया है। उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि तीर्थयात्रा 24 फरवरी से 2 मार्च, 2025 तक चलेगी। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, प्रभारी डी अफेयर साद अहमद वराइच (Saad Ahmad Warraich) ने तीर्थयात्रियों को आध्यात्मिक रूप से पुरस्कृत और संतुष्टिदायक यात्रा की कामना की।

इस तरह की यात्राओं की सुविधा जारी रखेंगे- पाकिस्तान

उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि प्रभारी D' अफेयर साद अहमद वराइच ने पुष्टि की कि पाकिस्तान सरकार अंतर-धार्मिक सद्भाव और आपसी समझ को बढ़ावा देने की अपनी नीति के अनुसार इस तरह की यात्राओं की सुविधा प्रदान करना जारी रखेगी। तीर्थयात्रा 1974 के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर पाकिस्तान-भारत प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की जा रही है, जो हजारों भारतीय भक्तों को धार्मिक त्योहारों के लिए सालाना पाकिस्तान की यात्रा करने में सक्षम बनाता है। पाकिस्तान हाई कमीशन ने सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा, पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली ने 24 फरवरी से 2 मार्च 2025 के मध्य चकवाल जिले के पवित्र कटास राज मंदिरों में तीर्थ यात्रा के लिए 154 तीर्थ यात्रियों के एक दल को वीजे जारी किए हैं।'

मैं बहुत खुश हूं: विदेश मंत्री जयशंकर अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात पर बोले

विदेश मंत्री (EAM) एस जयशंकर ने शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात पर संतोष व्यक्त किया। विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक के दौरान अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा,"मुझे खुशी है कि हम आज जोहान्सबर्ग में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मिल सके। इस तरह की बैठकों ने हमारे संबंधों को तब भी बातचीत करने का अवसर प्रदान किया है, जब हमारे संबंध कठिन दौर से गुजर रहे थे।" यह बैठक भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसने हाल के दिनों में एक चुनौतीपूर्ण दौर का अनुभव किया है।

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