विदेश

‘उन हाथों को काट देंगे जो हमारे पानी को रोकने की कोशिश करेंगे’, सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तानी मंत्री की भारत को गीदड़भभकी

Indus Water Treaty: सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तानी मंत्री ने भारत को गीदड़भभकी दी है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
2 min read
Jun 30, 2026
Sindhu River
सिंधु नदी (File Photo)

पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) का बदला लेने के लिए भारत (India) ने पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) लॉन्च करने से पहले ही सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty) को रद्द कर दिया था। भारत के इस फैसले से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा था, क्योंकि सिंधु नदी कई पाकिस्तानी प्रांतों के लिए पानी का मुख्य स्त्रोत है। पाकिस्तान कई बार इस समझौते को फिर से बहाल करने के लिए गिड़गिड़ा चुका है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। भारत का इस मामले पर रुख साफ है कि पाकिस्तान को सिंधु नदी का पानी तब तक नहीं मिलेगा जब तक वो आतंकी गतिविधियों को जारी रखेगा। अब इस मामले पर एक पाकिस्तानी मंत्री ने भारत को गीदड़भभकी दी है।

"उन हाथों को काट देंगे जो हमारे पानी को रोकने की कोशिश करेंगे"

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक (Musadik Malik) ने कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान के पानी की सप्लाई को कंट्रोल करने की कोशिश की, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। मलिक ने पानी को पाकिस्तान की 'रेड लाइन' बताते हुए कहा कि कोई भी इसके साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता। मलिक ने भारत पर पानी को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि भारत नदियों का पानी स्थायी रूप से नहीं रोक सकता, बल्कि सिर्फ कुछ दिन के लिए बाधा डाल सकता है, क्योंकि उसके पास पानी रोकने के लिए कोई स्थायी संरचना नहीं है। इसके साथ ही मलिक ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि पाकिस्तान उन हाथों को काट देगा जो उनके पानी को छुएगा या रोकने की कोशिश करेगा।

सिंधु जल समझौता रद्द होने से पाकिस्तान पर पड़ा गंभीर असर

भारत के सिंधु जल समझौते को रद्द करने के फैसले से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और खेती पर गंभीर असर पड़ा है। पाकिस्तान की 80% से ज़्यादा खेती पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) पर निर्भर है। पानी की कमी से गेहूं, चावल और कपास की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा संकट गहरा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में भी समस्या बढ़ी है, क्योंकि पाकिस्तान के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही देश में औद्योगिक उत्पादन घटा है और बेरोजगारी की दर भी बढ़ी है।

Updated on:
30 Jun 2026 09:36 am
Published on:
30 Jun 2026 09:31 am