पाकिस्तान के डेरा गाजी खान के टौन्सा स्थित सरकारी अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण 300 से अधिक बच्चों में HIV संक्रमण फैलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पाकिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, डेरा गाजी खान जिले के टौन्सा क्षेत्र स्थित सरकारी अस्पताल THQ Hospital Taunsa से जुड़े मामलों में करीब 331 बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने का दावा किया गया है। यह मामला नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच सामने आया, जब स्थानीय डॉक्टरों ने बच्चों में HIV संक्रमण के असामान्य रूप से बढ़ते मामलों को नोटिस किया।
स्थानीय चिकित्सक डॉ. गुल कैसरानी ने सबसे पहले इस असामान्य संक्रमण पैटर्न को देखा। दिसंबर 2024 के अंत में उन्होंने बच्चों में तेजी से बढ़ते HIV मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़कर सैकड़ों में पहुंच गई।
जांच के अनुसार, अस्पताल में संक्रमण फैलने के पीछे कई गंभीर लापरवाहियों के संकेत मिले हैं, जिनमें एक ही सिरिंज का कई मरीजों में उपयोग, मल्टी-डोज वायल से असुरक्षित दवा निकालना, बिना स्टेराइल दस्तानों के इंजेक्शन देना, मेडिकल वेस्ट का गलत निपटान, खुले वायल और अस्वच्छ मेडिकल कार्य वातावरण शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गलतियां संक्रमण को तेजी से फैलाने का कारण बन सकती हैं, खासकर बच्चों में।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एक 8 वर्षीय बच्चे की मौत HIV संक्रमण के बाद हुई, जिसे तेज बुखार और गंभीर दर्द जैसी समस्याएं थीं। परिवारों का आरोप है कि संक्रमण का कारण सरकारी अस्पताल में दिए गए नियमित इंजेक्शन हो सकते हैं। यह भी बताया गया कि उसी परिवार के एक अन्य बच्चे में भी HIV की पुष्टि हुई है।
संक्रामक रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी लापरवाही क्रॉस-कंटैमिनेशन (cross-contamination) का बड़ा कारण बन सकती है। एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मेडिकल स्टाफ द्वारा इस्तेमाल की गई सिरिंज से बचे हुए तरल को दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, जो गंभीर चिकित्सा प्रोटोकॉल उल्लंघन है।
अस्पताल प्रशासन ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कासिम बुजदार का कहना है कि वायरल वीडियो और आरोपों की सत्यता संदिग्ध हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटनाएं उनके कार्यकाल से पहले की हो सकती हैं और वर्तमान में अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण के सख्त नियम लागू हैं।