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खून से सने कपड़े और मासूमों की तस्वीरें, अमेरिका से वार्ता के लिए ईरानी स्पीकर साथ लाए कुछ खास

ईरान ने इस्लाबाद में अमेरिका से वार्ता से पहले एक बार फिर मीनाब हमले की याद दिलाई। ईरानी स्पीकर ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जिसमें फ्लाइट की सीटों पर इस हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और उनके बैग रखे थे।

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Apr 11, 2026
इस्लामाबाद जाते ईरानी स्पीकर (फोटो- आईएएनएस)

Pakistan Peace Talk: ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि शांती वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच गए है। शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होनी है। इसी बातचीत पर मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का भविष्य टिका है। अगर आज इन दोनों देशों के बीच बात नहीं बन पाती है तो इसके खतरनाक प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेंगे। इस महत्वपूर्ण वार्ता से पहले ईरान ने मीनाब हमले की यादें फिर से ताजा कर दी है। ईरानी स्पीकर ने सोशल मीडिया पर फ्लाइट की एक तस्वीर शेयर की है जिसमें सीटों पर इस हमले में मारे गए बच्चों के खून से सने बैग और कपड़ो के साथ उनकी तस्वीरें रखी है।

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फ्लाइट की सीटों पर रखे मासूमों के खून से सने बैग

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने अपने सोशल मीडिया से यह तस्वीर शेयर की है। उन्होंने इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, इस फ्लाइट में मेरे साथी। फोटो में फ्लाइट की सीटों पर बच्चों की तस्वीरें और सामान रखे है। तस्वीरों के सामने सफेद गुलाब भी रखे है जो बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए रखे गए है। ग़ालिबफ़ फोटो में सीटों के सामने खड़े बच्चों की तस्वीरों को देखते नजर आ रहे है। यह फोटो मीनबा हमले की त्रासदी की गंभीरता को दर्शाती हैं।

मीनाब हमले में 165 बच्चों की दर्दनाक मौत

खबरों के अनुसार युद्ध के दौरान अमेरिका- इजरायल के हवाई हमले में मीनाब स्थिति इस स्कूल पर बम गिराए गए थे। इस हमले में कम से कम 165 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी और और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। ईरान ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में पेश किया है, जिससे वार्ता के दौरान भावनात्मक और राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।

ईरान ने कहा वह बिना भरोसे वार्ता में शामिल

ईरानी स्पीकर ने इस्लामाबाद पहुंचने पर स्पष्ट कहा कि ईरान बातचीत में अच्छे इरादों के साथ लेकिन भरोसे के बिना शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा, आगामी वार्ताओं में, अगर अमेरिकी पक्ष वास्तविक समझौता करने और ईरानी जनता के अधिकारों को मानने के लिए तैयार है, तो वे हमारी ओर से भी समझौते की तैयारी देखेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर बातचीत का इस्तेमाल केवल दिखावे के लिए किया गया, तो ईरान कड़ा जवाब देगा। उनका यह बयान ईरान की सतर्क और रणनीतिक नीति को दर्शाता है।

अमेरिका ने भी दी सख्त प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, अमेरिकी पक्ष ने भी बातचीत के लिए सशर्त सहमति जताई है। अमेरिकी नेता ने कहा, अगर ईरान अच्छे विश्वास के साथ बातचीत करने को तैयार है, तो हम भी सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि किसी भी तरह की चालबाजी का जवाब सख्ती से दिया जाएगा। इसके अलावा, अमेरिकी नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया कि ईरान अपनी स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर आंक रहा है, खासकर हॉर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के संदर्भ में। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अभी भी बड़ी बाधा बनी हुई है।

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